India US Relations: भारत पर टैरिफ लगाने के बाद अमेरिका को शायद अपनी गलती का एहसास हो रहा है। अमेरिका ने स्वीकार किया है कि भारत के साथ रिश्ते कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं, हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के रिश्ते फिलहाल सकारात्मक हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि पीएम मोदी (PM Modi) और राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) के बीच जल्द मुलाकात हो सकती है। दोनों नेताओं की बैठक की तैयारियां चल रही हैं।
क्वाड समिट 2026 की मेजबानी करेगा भारत
बता दें कि भारत इस साल के अंत में या साल 2026 में क्वाड समिट की मेजबानी करेगा, जिसमें अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता भी शामिल होंगे। पिछले साल (2024) क्वाड शिखर सम्मेलन अमेरिका के विलमिंगटन (डेलावेयर) में हुआ था। अमेरिकी अधिकारी ने माना कि भारत-अमेरिका के बीच हाल के दिनों में कुछ मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ट्रंप के फैसलों से रिश्तों में आई खटास
बता दें कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। इस तरह कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया है। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर दी गई छूट भी वापस ले ली है। वहीं, अमेरिका और पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकियों से भी भारत नाराज है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के नियम भी बदल दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में पीएम मोदी को उनके 75वें जन्मदिन पर फोन कर बधाई दी। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की, जहां व्यापार, रक्षा और तकनीक पर व्यापक चर्चा हुई।
एच-1बी वीजा पर क्या बोला अमेरिका?
एच-1बी वीजा के नए नियमों पर टिप्पणी करते हुए अमेरिका अधिकारी ने बताया कि नए एच-1बी वीजा आवेदकों के लिए 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस लागू की है। इस पर अधिकारी ने कहा कि भारत को पहले ही साफ कर दिया गया है कि यह शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा, मौजूदा वीजाधारकों पर नहीं। अमेरिकी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि तमाम मतभेदों के बावजूद भारत को अमेरिका इंडो-पैसिफिक का एक अहम साझेदार मानता है। उन्होंने कहा, “हम अपने दोस्तों से साफ और खुलकर बात करते हैं। भारत हमारे लिए भविष्य का भरोसेमंद साझेदार है।”
कश्मीर मुद्दे पर क्या बोला अमेरिका?
कश्मीर मुद्दे पर जवाब देते हुए अमेरिकी अधिकारी ने कहा, 'हमारी लंबे समय से नीति रही है कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा मामला है और अगर हमसे मदद मांगी जाए तो राष्ट्रपति, जैसा कि वे हर मुद्दे पर करते हैं, इसके लिए तैयार हैं। लेकिन उनके सामने पहले से ही कई संकट हैं। यह भारत और पाकिस्तान के बीच का मामला है।' बता दें कि ट्रंप ने इसी साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की थी, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था।
