Ganga Cruise : दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज सफर की तैयारी भारत से होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को 3,200 किलोमीटर की यात्रा पर निकलने वाले क्रूज 'गंगा विलास' को हरी झंडी दिखाकर रवाना होंगे। यह क्रूज वाराणसी से बांग्लादेश होते हुए डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। क्रूज 'एमवी गंगा विलास' भारत और बंग्लादेश में 27 नदियों से होते हुए नेशनल पार्क्स, वर्ल्ड हेरिटज स्थलों सहित 50 पर्यटन स्थलों से गुजरेगा। सरकार की ओर से जारी रविवार को जारी एक बयान के मुताबिक यह क्रूज डिब्रूगढ़ पहुंचने से पहले पटना, साहिबगंज, कोलकाता, ढाका और गुवाहाटी से गुजरेगा। इस रिवर क्रूज एक मार्च को डिब्रूगढ़ पहुंचने की उम्मीद है।
13 जनवरी को काशी से रवाना होगा क्रूज
केंद्रीय मंत्री सर्वांनद सोनोवाल ने इस क्रूज के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह भारत में रिवर क्रूज पर्यटन के क्षेत्र में एक नया द्वार खोलेगा। 'एमवी गंगा विलास' में तीन डेक, 36 यात्रियों की क्षमता वाले18 सूईट हैं। इस क्रूज में कई सारी लग्जरी सुविधाएं हैं। इस क्रूज पर पर्यटक 10 जनवरी को सवार होंगे और 13 जनवरी से काशी से रवाना होने से पहले उन्हें स्थानीय पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
एक दिन का किराया 25,000 रुपए
रिपोर्टों में क्रूज ऑपरेटर के हवाले से कहा गया है कि इस शिप पर एक व्यक्ति का एक दिन का किराया 25,000 रुपए है। इस क्रूज की देखरेख एवं परिचालन प्राइवेट ऑपरेटरों के हाथों में है। हालांकि, जहाजरानी मंत्रालय इस परियोजना को सहयोग दे रहा है।
लग्जरी सुविधाओं की भरमार
इस क्रूज जहाज पर एक भव्य रेस्तरां, स्पा और सनडेक भी है। मेन डेक पर इसके 40 सीटों वाले रेस्तरां में कॉन्टिनेंटल और भारतीय व्यंजनों के साथ कुछ बुफे काउंटर हैं। अधिकारियों के अनुसार, ऊपरी डेक की आउटडोर सिटिंग में रियल टीक स्टीमर चेयर्स और कॉफी टेबल के साथ एक बार शामिल है। यह यात्रियों को एक तरह का स्पेशल क्रूज अनुभव प्रदान करने के लिए पर्याप्त है। इसमें शॉवर युक्त बाथरूम, कन्वर्टिबल बेड्स, फ्रेंच बालकनी, एलईडी टीवी, तिजोरी, स्मॉक अलार्म्स, लाइफ वेस्ट और स्प्रिंकलर्स लगे हैं।
पूरी तरह से भारत में बना है यह रिवर क्रूज
वाराणसी के मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा का कहना है कि इस क्रूज को रविदास घाट के सामने जेटी बोर्डिंग प्वाइंट से हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह रिवर क्रूज पूरी तरह से भारत में बनकर तैयार हुआ है। फिलहाल देश में वाराणसी और कोलकाता के बीच आठ रिवर क्रूज संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा दूसरे राष्ट्रीय जलमार्ग (ब्रह्मपुत्र नदी) पर भी क्रूज का आवागमन जारी है।
