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West Asia Crisis: 'पहले रुके अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई'; मोदी से बातचीत में पेजेशकियन ने बताया कैसे रुक सकती है जंग

पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय रहते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता की अपील करता रहा है।

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पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ( फोटो- ANI)

देश में बढ़ रहे एलपीजी और तेल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ईद और नौरोज की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि यह पर्व क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। बातचीत के दौरान मोदी ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए जरूरी है कि शिपिंग लेन खुले और सुरक्षित रहें तथा नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए।

प्रधानमंत्री ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग के लिए ईरान का आभार भी जताया। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय रहते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता की अपील करता रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव

दोनों नेताओं की बातचीत को लेकर ईरान की ओर से भी विस्तृत बयान जारी किया गया। इसमें बताया गया कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भारत से BRICS के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्र कूटनीतिक स्थिति का उपयोग करते हुए ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता को रोकने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने में योगदान दे सकता है। ईरान ने यह भी प्रस्ताव रखा कि पश्चिम एशिया के देशों को साथ लेकर एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाए, जो बाहरी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करे।

बातचीत के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका के उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई की गई। पेज़ेशकियन ने दोहराया कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई परमाणु हथियारों के सख्त विरोधी थे और उन्होंने इसके विकास पर प्रशासनिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर प्रतिबंध लगाए थे।

तेहरान के बयान के अनुसार, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण स्वरूप को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद के लिए तैयार है। राष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मंच सहित वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत के जरिए पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित की जा सकती है।

इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों को “अमानवीय और अनैतिक” करार देते हुए उनकी कड़ी आलोचना की। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए सबसे जरूरी कदम अमेरिका और इजरायल द्वारा तत्काल आक्रामकता रोकना है।

मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से दूसरी बार वार्ता

मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर यह दूसरी बातचीत थी। ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने तब भी क्षेत्र में उभर रही सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।

पीएम मोदी लगातार दे रहे कूटनीति पर जोर

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने अपने पड़ोसी देशों और इजराइल को निशाना बनाया। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को भी नियंत्रित करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग है। इसके माध्यम से विश्व के 20 प्रतिशत ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है। संघर्ष के बाद से, ईरान ने बहुत कम जहाजों को इसे पार करने की अनुमति दी है। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं से भी बात की है। इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस और मलेशिया के नेता शामिल हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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