देश

पीएम मोदी की राम प्रतिज्ञा: फर्श पर कंबल ओढ़कर सो रहे हैं, पी रहे हैं सिर्फ नारियल पानी

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jan 19, 2024, 02:34 PM IST

पिछले हफ्ते पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि वह यम नियम का पालन करेंगे, जिसका पवित्र अवसरों से 11 दिन पहले पालन करना आवश्यक है।

Image

मंदिर में पीएम मोदी

Photo : PTI

PM Modi Ram Pratigya: 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री मोदी विशेष अनुष्ठान के तहत सख्त जीवनचर्चा का पालन कर रहे हैं। 73 वर्षीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के अभिषेक से पहले सख्त दिनचर्या अपनाते हुए फर्श पर सो रहे हैं। इस दौरान वह केवल नारियल पानी पी रहे हैं। मोदी की पसंद का नारियल पानी सात्विक आहार का हिस्सा है। अपने प्रतिज्ञा के तहत पीएम मोदी फर्श पर कंबल ओढ़कर सो रहे हैं और सिर्फ नारियल पानी पी रहे हैं। उनकी दिनचर्या में गौ-पूजा करना और प्रतिदिन गायों को चारा खिलाना, विभिन्न प्रकार के दान करना, जैसे अन्नदान, कपड़े देना आदि भी शामिल है।

यम नियम का पालन

पिछले हफ्ते पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि वह यम नियम का पालन करेंगे, जिसका पवित्र अवसरों से 11 दिन पहले पालन करना आवश्यक है। पीएम मोदी ने एक वीडियो पोस्ट कर कहा था, अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए केवल 11 दिन बचे हैं। मैं इस शुभ अवसर का साक्षी बनने के लिए भाग्यशाली हूं। भगवान ने मुझसे समारोह के दौरान भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करने के लिए कहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैं आज से 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान प्रारंभ कर रहा हूं। मैं आप सभी से आशीर्वाद चाहता हूं। जल्दी उठने और आहार के अलावा, पीएम मोदी ने एक सप्ताह पश्चिमी और दक्षिणी भारत के मंदिरों में भी बिताया, जैसे कि नासिक में पंचवटी, जहां माना जाता है कि भगवान राम ने अपने निर्वासन का कुछ हिस्सा यहां बिताया था।

कई मंदिरों का दौरा

पीएम मोदी ने केरल के गुरुवयूर मंदिर और आंध्र प्रदेश के वीरभद्र मंदिर का भी दौरा किया। मोदी का इस सप्ताह के अंत में तमिलनाडु में कई मंदिरों का दौरा करने का भी कार्यक्रम है। वह शनिवार को तिरुचिरापल्ली में रंगनाथस्वामी मंदिर जाएंगे, विभिन्न विद्वानों को कंबा रामायण के छंदों का पाठ करते हुए सुनने में समय बिताएंगे। फिर, वह रामेश्वरम जाएंगे जहां वह संस्कृत, अवधी, कश्मीरी, गुरुमुखी, असमिया, बंगाली, मैथिली और गुजराती में रामायण सुनने वाले दर्शकों का हिस्सा होंगे। शाम को वह श्री अरुल्मिगु रामनाथस्वामी मंदिर में भजन या भक्ति गीत सुनेंगे। अगले दिन, मोदी सबसे पहले धनुषकोडी में कोठंडारामस्वामी मंदिर जाएंगे और फिर अरिचल मुनाई जाएंगे, जिसके बारे में कहा जाता है कि यही वह जगह है जहां राम सेतु का निर्माण हुआ था।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह हत्याकांड में 8 से 9 दिन में दाखिल होगी चार्जशीट, किरेन रिजिजू बोले- कोई कसर नहीं छोड़ेंगे

मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह हत्याकांड में 8 से 9 दिन में दाखिल होगी चार्जशीट, किरेन रिजिजू बोले- कोई कसर नहीं छोड़ेंगे

PM मोदी के कार्यक्रम स्थल के पास फर्जी PMO अधिकारी हिरासत में, नकली पहचान पत्र के साथ पहुंचा था, क्राइम ब्रांच कर रही पूछताछ

PM मोदी के कार्यक्रम स्थल के पास फर्जी PMO अधिकारी हिरासत में, नकली पहचान पत्र के साथ पहुंचा था, क्राइम ब्रांच कर रही पूछताछ

मोदी-पुतिन की मुलाकात की तारीख हुई कंफर्म, सुखोई-57 की डील पर हो सकते हैं हस्ताक्षर, परमाणु संयंत्र समेत कई मुद्दों पर होगी बात

मोदी-पुतिन की मुलाकात की तारीख हुई कंफर्म, सुखोई-57 की डील पर हो सकते हैं हस्ताक्षर, परमाणु संयंत्र समेत कई मुद्दों पर होगी बात

बाबा बागेश्वर के खिलाफ पुलिस में शिकायत; बंगाल कांग्रेस ने की दुर्गा पूजा में मांसाहार को लेकर टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग

बाबा बागेश्वर के खिलाफ पुलिस में शिकायत; बंगाल कांग्रेस ने की दुर्गा पूजा में मांसाहार को लेकर टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग

बिहार में गंगा का कहर: सुल्तानगंज में खतरे के निशान से ऊपर बही गंगा, 34 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार में गंगा का कहर: सुल्तानगंज में खतरे के निशान से ऊपर बही गंगा, 34 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित