प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की मेजबानी की और इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, आवागमन और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मजबूत करने के नए अवसरों पर व्यापक बातचीत की।
पार्मेलिन सोमवार सुबह तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे, जो उनकी इस देश की पहली आधिकारिक यात्रा है। हालांकि, इस वर्ष वह दूसरी बार भारत आए हैं। वह इससे पहले फरवरी में आयोजित ’एआई इंपैक्ट समिट’ में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के तुरंत बाद स्विस राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर लिखा, 'दोनों नेताओं के समक्ष एक व्यापक एजेंडा है, जिसके तहत वे भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी के विभिन्न आयामों पर चर्चा करने के साथ-साथ इसे और मजबूत करने के उपायों पर भी विचार करेंगे।' पीएम मोदी के साथ वार्ता से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
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मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने कहा वह भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के आधार पर भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को गहरा करने की राष्ट्रपति पार्मेलिन की प्रतिबद्धता की 'सराहना' करते हैं।मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने कहा कि वह भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) को आगे बढ़ाते हुए भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को गहरा करने की राष्ट्रपति पार्मेलिन की प्रतिबद्धता की 'सराहना' करते हैं।
करीब 16 वर्षों तक चली बातचीत के बाद मार्च 2024 में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच इस महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।इस व्यापक व्यापार समझौते के तहत ईएफटीए के सदस्य देश आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि
पिछले वर्ष अक्टूबर में प्रभावी हुए इस व्यापार समझौते से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। वर्तमान में इंजीनियरिंग, सेवा, रसायन और दवा जैसे क्षेत्रों में 330 से अधिक स्विस कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। वहीं, भारतीय कंपनियां सूचना प्रौद्योगिकी, दवा और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में स्विट्जरलैंड में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं। अपनी यात्रा के दौरान पार्मेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू उनके सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन करेंगी।
