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Mann ki Baat: 'देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं, उन्हें तलाशने और तराशने की जरूरत...' मन की बात में बोले PM Modi

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 30, 2023, 01:22 PM IST

Mann ki Baat: मन की बात का यह 103वां एपिसोड है। हर महीने के आखिरी रविवार को इस कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है। पीएम मोदी इस रेडिया कार्यक्रम के जरिए ठीक 11 बजे देश को संबोधित करते हैं।

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मन की बात

Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, जुलाई का महीना यानि मानसून का महीना, बारिश का महीना है। बीते कुछ दिन, प्राकृतिक आपदाओं के कारण, चिंता और परेशानी से भरे रहे हैं। लेकिन, इन आपदाओं के बीच, हम सब देशवासियों ने फिर दिखाया है कि सामूहिक प्रयास की ताकत क्या होती है। पीएम मोदी ने कहा, स्थानीय लोगों ने, हमारे NDRF के जवानों ने, स्थानीय प्रशासन के लोगों ने, दिन-रात लगाकर ऐसी आपदाओं का मुकाबला किया है।

पीएम मोदी ने कहा, किसी भी आपदा से निपटने में हमारे सामर्थ्य और संसाधनों की भूमिका बड़ी होती है, लेकिन इसके साथ ही, हमारी संवेदनशीलता और एक दूसरे का हाथ थामने की भावना, उतनी ही अहम होती है। सर्वजन हिताय की यही भावना भारत की पहचान भी है और भारत की ताकत भी है। साथियों, बारिश का यही समय वृक्षारोपण और जल संरक्षण के लिए भी उतना ही जरुरी होता है।

शुरू होगा मेरी माटी-मेरा देश अभियान

पीएम मोदी ने कहा, देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के सम्मान के लिए देश में एक बड़ा अभियान 'मेरी माटी मेरा देश' शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के दौरान 'अमृति कलश यात्रा' निकाली जाएगी, जो देश के विभिन्न कोनों और गांवों से 7,500 कलशों में मिट्टी और पौधे लेकर दिल्ली पहुंचेगी। इन कलशों में ले जाई जा रही मिट्टी और पौधों से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के पास 'अमृत वाटिका' बनाई जाएगी।

50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों पर चल रहा काम

पीएम मोदी ने कहा, आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान बने 60 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों में भी रौनक बढ़ गई है। अभी 50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों को बनाने का काम चल भी रहा है। हमारे देशवासी पूरी जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ जल संरक्षण के लिए नए-नए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने काह, एमपी के शहडोल में पकरिया गांव के आदिवासियों ने प्रशासन की मदद से करीब सौ कुओं को Water Recharge System में बदल दिया है। बारिश का पानी, अब इन कुओं में जाता है, और कुओं से ये पानी, जमीन के अंदर चला जाता है, इससे इलाके में भू-जल स्तर भी धीरे-धीरे सुधरेगा। पीएम मोदी ने कहा, ऐसे प्रयास जन-भागीदारी के साथ-साथ जन-जागरण के भी बड़े उदाहरण हैं। मैं चाहूंगा कि हम सब भी पेड़ लगाने और पानी बचाने के इन प्रयासों का हिस्सा बनें।

सावन के महीने में बढ़ रही पर्यटकों की संख्या

मन की बात को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, इस समय सावन का पवित्र महीना चल रहा है। सदाशिव महादेव की साधना-आराधना के साथ ही सावन हरियाली और खुशियों से जुड़ा होता है। इसीलिए, सावन का आध्यात्मिक के साथ ही सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्व रहा है। सावन के झूले, सावन की मेहंदी, सावन के उत्सव - यानि सावन का मतलब ही आनंद और उल्लास होता है। उन्होंने कहा, हमारी इस आस्था और इन परम्पराओं का एक पक्ष और भी है। हमारे ये पर्व और परम्पराएं हमें गतिशील बनाते हैं। सावन में शिव आराधना के लिए कितने ही भक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। सावन की वजह से इन दिनों 12 ज्योतिर्लिंगों में भी खूब श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आपको ये जानकार भी अच्छा लगेगा कि बनारस पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी रिकॉर्ड तोड़ रही है। अब काशी में हर साल 10 करोड़ से भी ज्यादा पर्यटक पहुंच रहे हैं। ये सब, हमारे सांस्कृतिक जन-जागरण का परिणाम है। इसके दर्शन के लिए, अब तो पूरी दुनिया से लोग हमारे तीर्थों में आ रहे हैं। यही भारत की खासियत है कि सबको अपनाता है, सबको कुछ न कुछ देता है। उन्होंने कहा, हम न केवल अपनी विरासत को अंगीकार करें, बल्कि उसे जिम्मेदारी से साथ विश्व के सामने प्रस्तुत भी करें।

हज पॉलिसी में बदलाव की हो रही सराहना

पीएम मोदी ने कहा, मन की बात में मुझे इस बार काफी संख्या में ऐसे पत्र भी मिले हैं, जो मन को बहुत ही संतोष देते है। ये चिट्ठी उन मुस्लिम महिलाओं ने लिखी हैं, जो हाल ही में हज यात्रा करके आई हैं। उनकी ये यात्रा कई मायनों में बहुत खास है। ये वो महिलाएं हैं, जिन्होंने हज की यात्रा बिना किसी पुरुष सहयोगी या मेहरम के बिना पूरी की है और ये संख्या सौ-पचास नहीं, बल्कि, 4 हज़ार से ज्यादा है। यह एक बड़ा बदलाव है। दरअसल, पहले, मुस्लिम महिलाओं को बिना मेहरम हज करने की इजाजत नहीं थी। नरेंद्र मोदी ने कहा, मन की बात के माध्यम से सऊदी अरब सरकार का भी ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं। बिना मेहरम हज पर जा रही महिलाओं के लिए ख़ासतौर पर Women coordinators नियुक्ति की गई थी। उन्होंने कहा, बीते कुछ वर्षों में Haj Policy में जो बदलाव किए गए हैं, उनकी भरपूर सराहना हो रही है। हमारी मुस्लिम माताओं और बहनों ने इस बारे में मुझे काफी कुछ लिखा है। अब, ज्यादा से ज्यादा लोगों को हज पर जाने का मौका मिल रहा है।

भावी पीढ़ी को ड्रग्स से बचाने की जरूरत

मन की बात में प्रधानमंत्री ने कहा, जम्मू-कश्मीर में म्यूजिकल नाइट्स बाइक रैलीज हों, चंडीगढ़ के लोकल क्लब्स हों और पंजाब में ढेर सारे स्पोर्ट्स ग्रुप हों, ये सुनकर लगता है, इंटरटेनमेंट और एडवेंजर की बात हो रही है, लेकिन बात कुछ और है, ये आयोजन एक सामान्य कारण से भी जुड़ा हुआ है, जो है Drugs के खिलाफ जागरूकता अभियान। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर के युवाओं को ड्रग्स से बचाने के लिए कई Innovative प्रयास देखने को मिले हैं। यहां म्यूजिकल नाइट्स, बाइक रैली जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं। चंडीगढ़ में इसे Local Clubs को इससे जोड़ा गया है, वे इन्हें VADA (वादा) clubs कहते हैं। VADA यानी Victory Against Drugs Abuse। इसी तरह पंजाब में कई Sports Groups भी बनाए गए हैं, जो फिटनेस पर ध्यान देने और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं। नशे के खिलाफ अभियान में युवाओं की बढ़ती भागीदारी बहुत उत्साह बढ़ाने वाली है। ये प्रयास, भारत में नशे के खिलाफ अभियान को बहुत ताकत देते हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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