प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर स्थित माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान और अनुसंधान केंद्र के विस्तार के रूप में ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ की आधारशिला रखी। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत भी उपस्थित रहे।
माधव नेत्रालय की 2014 में हुई थी स्थापना
माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना 2014 में की गई थी, और यह एक प्रमुख ‘सुपर-स्पेशलिटी’ नेत्र चिकित्सा केंद्र के रूप में कार्यरत है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से नेत्र संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करना है। यह संस्थान दिवंगत आरएसएस प्रमुख माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) की स्मृति में स्थापित किया गया था।
क्या-क्या सुविधाएं
‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ के अंतर्गत 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 ‘मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर’ शामिल होंगे, जो लोगों को सस्ती और विश्वस्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करने में मदद करेंगे।
पीएम मोदी का नागपुर दौरा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार और इसके दूसरे सरसंघचालक एम एस गोलवलकर को समर्पित स्मारकों पर रविवार को पुष्पांजलि अर्पित की। मोदी ऐसे समय स्मृति मंदिर पहुंचे जब रविवार को संघ का प्रतिपदा कार्यक्रम है जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत के उपलक्ष्य में गुड़ी पड़वा के अवसर पर मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने रविवार को नागपुर में दीक्षाभूमि का भी दौरा किया और डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। दीक्षाभूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। इससे पहले, मोदी के यहां हवाई अड्डा पहुंचने पर मुख्यमंत्री फडणवीस, केंद्रीय मंत्री गडकरी और भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने उनका स्वागत किया।
