देश की राजनीति में इन दिनों छात्रों के मुद्दे, आतंकी घटनाओं और चरमराती शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी स्वर्गीय माताजी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने इसे युवाओं का बचपना बताते हुए कहा कि बच्चे गुमराह हैं और उन्हें कानूनी चक्करों में फंसाने के बजाय सही दिशा दिखाना समाज का दायित्व है। उन्होंने युवाओं को माफ करने की अपील की। अब इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व गृहमंत्री सलमान खुर्शीद ने इस पर तीखा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इंसान माफ उसी को करता है जिससे कोई शिकायत हो। जब युवाओं की कोई असल गलती ही नहीं थी, तो उन्हें माफ़ करने का दावा करके जबरन उनकी गलती साबित करने की कोशिश की जा रही है।
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इसके साथ ही, सलमान खुर्शीद ने कुलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब बार-बार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने की बात कही जाती है, तो फिर ऐसा दर्दनाक हमला कैसे हो गया? उन्होंने हमले में जान गंवाने वालों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि 'धरती के स्वर्ग' में ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और रद्द होती परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश का शिक्षा ढांचा पूरी तरह से तबाह हो चुका है। लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है और जब कोई निराश छात्र आत्मघाती कदम उठाता है, तो पूरा परिवार बिखर जाता है। कुल मिलाकर, राजनीतिक गलियारों में पीएम के बयानों और देश के गंभीर मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने हैं।
