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मोदी और शाह को थी जेल भेजने की साजिश! पद्म श्री से नवाजे गए आरवीएस मणि ने किया चौंकाने वाला खुलासा

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि, जिन्हें हाल ही में पद्म श्री से सम्मानित किया गया, ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए सरकारी सेवा में पेशेवर ईमानदारी और सच्चाई बनाए रखने पर जोर दिया। आरवीएस मणि ने यूपीए सरकार के समय प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को जेल भेजने की कथित साजिश समेत कई विवादित मामलों पर रोशनी डाली।

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आरवीएस मणि का चौंकाने वाला खुलासा (फोटो: PTI)

Photo : PTI

RVS Mani Padma Shri: पद्म श्री सम्मान से नवाजे गए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने हाल ही में कई अहम और चौंकाने वाले दावे किए हैं। पद्म श्री पुरस्कार की घोषणा पर उन्होंने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके उस कार्य के लिए दिया गया है, जो उन्होंने गृह मंत्रालय में रहते हुए किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि इस फैसले में तत्कालीन गृहमंत्री की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आरवीएस मणि ने कहा कि यह सम्मान एक स्पष्ट संदेश देता है कि सरकारी सेवा में पेशेवर ईमानदारी सबसे जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे गृह मंत्रालय में कार्यरत थे, उस समय राजनीतिक दबाव में एक विशेष नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की गई थी।

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को जेल भेजने की साजिश

आरवीएस मणि ने दावा किया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह को जेल भेजने की साजिश रची गई थी। मणि के अनुसार, उन्होंने जो हलफनामा साइन किया था, उसमें खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट शामिल थी, जिसमें इशरत जहां को लश्कर‑ए‑तैयबा से जुड़ा बताया गया था। उनका कहना है कि इशरत जहां और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों का उद्देश्य तत्कालीन गुजरात सरकार के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना था।

इशरत को बताया “बिहार की बेटी”

आरवीएस मणि ने यह भी कहा कि अहमदाबाद के पास हुई घटना को गलत तरीके से एनकाउंटर बताया गया, जबकि वह एक क्रॉस‑फायर की स्थिति थी, जिसमें पहले गोली दूसरी ओर से चलाई गई थी। उनके अनुसार, इशरत जहां के साथ मौजूद दो अन्य व्यक्ति अवैध रूप से पाकिस्तान से भारत आए थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने राजनीतिक कारणों से उसे निर्दोष और “बिहार की बेटी” बताने की कोशिश की। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी सच्चाई से समझौता नहीं किया। मणि ने उस समय के सीबीआई निदेशक के एक कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि “काली दाढ़ी” और “सफेद दाढ़ी” को जेल भेजने की बात कही गई थी। उनका दावा है कि यह इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की ओर था।

“भगवा आतंकवाद” की अवधारणा

आरवीएस मणि ने तथाकथित “भगवा आतंकवाद” की अवधारणा को भी खारिज करते हुए इसे एक सोची‑समझी राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि मक्का मस्जिद धमाके के मामले में असली आरोपियों को बचाकर निर्दोष लोगों को फंसाया गया, जिन्हें बाद में 2018 में क्लीन चिट मिली। मालेगांव विस्फोट मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस केस में भी साध्वी प्रज्ञा और एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को जानबूझकर फंसाया गया। उनके अनुसार, आतंकवाद को संतुलित दिखाने के नाम पर यह नैरेटिव बनाया गया कि हिंदू समाज से भी आतंकवादी होते हैं।

देश की सेवा के लिए हमेशा तैयार

आरवीएस मणि ने यह भी बताया कि उनके पिता भी गृह मंत्रालय में अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने सिख आतंकवाद के दौर को करीब से देखा था। मणि का कहना है कि उस समय भी योजनाबद्ध तरीके से सिख समुदाय को बदनाम किया गया और सेना जैसी संस्थाओं से दूर रखने की कोशिश हुई। वर्तमान हालात पर बात करते हुए आरवीएस मणि ने कहा कि आज केंद्रीय गृहमंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, कश्मीर में हुर्रियत का प्रभाव खत्म हो गया है और पूर्वोत्तर भारत में भी आतंकवाद पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कुछ राजनीतिक दलों द्वारा हुर्रियत को संरक्षण दिया जाता था। अंत में आरवीएस मणि ने कहा कि वे देश की सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं और यदि केंद्र सरकार आदेश दे, तो वे पंजाब में शांति बहाली के लिए भी अपना योगदान देना चाहते हैं। उनके अनुसार, यदि राज्य सरकार सहयोग करे और खुफिया एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए, तो पंजाब में भी आतंकवाद पर पूरी तरह नियंत्रण संभव है।

Manoj Kumar
मनोज कुमार author

मनोज कुमार को टीवी पत्रकारिता में काम करने का 20 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह Times Now नवभारत में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. 2022 से चंडीगढ़ ब्यूरो हेड के तौर पर चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को कवर कर रहे हैं. उन्होंने पंजाब बाढ़ त्रासदी, ऑपरेशन सिंदूर जैसी बड़ी घटनाओं को ग्राउंड जीरो से कवर किया है. हिमाचल प्रदेश में संजौली मस्जिद कवरेज के लिए उन्हें ENBA अवॉर्ड मिल चुका है.

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