Mann Ki Baat : राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ती क्षमताओं का जिक्र किया। अपने 124वें 'मन की बात' में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक भारतीय वायु सेना (IAF) के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की हाल की यात्रा और चंद्रयान -3 की सफलता पूर्वक लॉन्चिंग की तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों ने देश में विज्ञान और तकनीक का माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
पीएम ने लोगों से सुझाव मांगे
पीएम ने कहा, 'हम सफलताओं और उपलब्धियों की बात करेंगे। पिछले कुछ हफ्तों में विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में कई अहम घटनाएं हुई हैं। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ल अंतरिक्ष से लौटे हैं। जब चंद्रयान-3 सफल हुआ था, तब पूरे देश में उत्साह थास स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ रही है।'
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर युवाओं और अंतरिक्ष में रुचि रखने वालों से इस अवसर में भाग लेने और भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों या इस दिन को मनाने के तरीकों से जुड़ी अपनी राय, सुझाव या संदेश साझा करने को कहा।
15 जुलाई को ISS से लौटे शुभांशु
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सुझाव NaMo ऐप के माध्यम से भेजे जा सकते हैं, जो प्रधानमंत्री से संबंधित आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन है। उन्होंने कहा, '23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस है, आप NaMo ऐप पर अपने सुझाव जरूर भेजें। शुभांशु शुक्ल एक्सिओम-4 मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे, जिन्हें 25 जून को स्पेस X ड्रैगन यान के जरिए लॉन्च किया गया था। लगभग 20 दिनों तक माइक्रोग्रैविटी (सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण) में रहने के बाद, वह और उनकी टीम 15 जुलाई को कैलिफोर्निया के तट के पास सुरक्षित रूप से समुद्र में उतरी।
23 अगस्त को मनाया जाता है राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस
यह मिशन भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि था, क्योंकि यह पहली बार था जब कोई भारतीय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में गया और माइक्रोग्रैविटी में वैज्ञानिक प्रयोग किए। शुभांशु शुक्ल सात वैज्ञानिक प्रयोगों के परिणामों के साथ लौटे, जिन्हें भारतीय अनुसंधान संस्थानों ने तैयार किया था और जिन्हें इसरो के ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर ने समन्वित किया था। भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस, 23 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता और भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण में बढ़ती उपलब्धियों की याद में मनाया जाता है।
