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Vande Bharat: कमलापति रेलवे स्टेशन से PM ने देश को दी सौगात, 5 नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 27, 2023, 11:31 AM IST

PM Modi MP visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रानी कमलापति-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, खुजराहो- भोपाल-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस, गोवा-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रसे, धारवाड़ - बेंगलुरू वंदे भारत एक्सप्रेस और हटिया-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

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पीएम मोदी

PM Modi MP visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से पांच नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। पीएम ने रानी कमलापति-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, खुजराहो- भोपाल-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस, गोवा-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रसे, धारवाड़ - बेंगलुरू वंदे भारत एक्सप्रेस और हटिया-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे।

इस दौरान पीएम मोदी ने स्कूली छात्रों और ट्रेन स्टाफ से बातचीत की। इस मौके पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, मैं वंदे भारत ट्रेन का गोवा में स्वागत करता हूं। सबसे तेज़ कनेक्टिविटी होने के कारण पर्यटन और व्यापार के लिए जो लोग मुबंई जाते हैं, उनके लिए वंदे भारत ट्रेन बहुत अच्छी रहेगी। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश में स्वागत करता हूं।

ट्रेनों के बारे में विस्तार से जानिए

  • रानी कमलापति-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस जबलपुर को भोपाल से जोड़ेगी। इससे, भेड़ाघाट, पचमढ़ी, सतपुड़ा आदि पर्यटन स्थलों की ओर आवाजाही सुलभ होगी। यह ट्रेन इस मार्ग की मौजूदा सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग 30 मिनट तेज होगी।
  • खजुराहो-भोपाल-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस इंदौर और खजुराहो को भोपाल से जोड़ेगी। इससे महाकालेश्वर, मांडू, महेश्वर, खजुराहो, पन्ना जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को लाभ मिलेगा। यह ट्रेन इस मार्ग पर सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन की तुलना में लगभग 2.30 घंटे तेज होगी।
  • मडगांव (गोवा)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस गोवा की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। यह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और गोवा के मडगांव स्टेशन के बीच चलेगी।
  • धारवाड़-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक के महत्वपूर्ण शहरों धारवाड़, हुबली और दावणगेरे को राज्य की राजधानी बेंगलुरु से जोड़ेगी। यह ट्रेन इस मार्ग की मौजूदा सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग 30 मिनट अधिक गति से चलेगी।
  • हटिया-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस झारखंड और बिहार के लिए पहली वंदे भारत होगी। वर्तमान की सबसे तेज ट्रेन की तुलना में, यात्रा के लगभग एक घंटे और पच्चीस मिनट के समय को बचाने में मदद करेगी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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