देश

10 साल की अविका को PM Modi लगे सबसे Cool, प्रधानमंत्री को बना लिया 'दादा जी'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 28, 2023, 12:36 PM IST

PM Modi Coolest Person: अविका राव सांसद पूनम महाजन की बेटी हैं। उन्होंने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास पर अपने परिवार के साथ पीएम मोदी से मुलाकात की।

Image

10 साल की अविका ने पीएम मोदी से की मुलाकात (क्रेडिट-@poonam_mahajan )

Photo : Twitter

PM Modi News: राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जितने गंभीर और पेशेवर हैं, निजी जिंदगी में वह उतने ही जिंदादिल इंसान भी हैं। हालांकि, जब बात बच्चों हो तो उनके साथ पीएम मोदी भी बच्चे ही बन जाते हैं। ऐसा कई मौकों पर देखा भी गया है, जब विदेश यात्राओं के दौरान पीएम मोदी बच्चों से मिले तो उन्हीं के होकर रह गए। यही कारण है कि बच्चों को प्रधानमंत्री का यह अंदाज काफी भाता भी है।

सोमवार को 10 साल की अविका राव ने भी प्रधानमंत्री से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। अविका को यह मुलाकात इतनी पसंद आई कि उन्होंने पीएम मोदी को अपना 'आजोबा' (मराठी में दादा जी) बना लिया। साथ ही उन्हें पीएम मोदी दुनिया के सबसे Coolest Person भी लगे।

Pm Modi

Pm Modi

सांसद पूनम महाजन की बेटी हैं अविका

अविका राव दो बार से भाजपा सांसद पूनम महाजन की बेटी हैं। वह सोमवार को अपने पिता, मां, भाई और दादी के साथ प्रधानमंत्री आवास पहुंची और पीएम मोदी से मुलाकात की। बता दें, पूनम महाजन भापजा के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन की बेटी हैं। अविका ने प्रधानमंत्री मोदी को इस मुलाकात के दौरान तोहफा देने के लिए अपने हाथों से कार्ड बनाया। इस कार्ड में उन्होंने पीएम मोदी के लिए खास संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को 'आजोबा' कहकर संबोधित किया और आशीर्वाद मांगा।

भाई-बहन की लड़ाई सुन हंस पड़े पीएम मोदी

अविका से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उससे खूब बातें की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अविका और उसके भाई से घुड़सवारी के अनुभव के बारे में पूछा और भाई-बहन के झगड़े को लेकर भी मजाक किया। अविका ने बताया कि भाई उसका खाना खा जाता है, यह सुनते ही पीएम मोदी ठहाका लगाकर हंस पड़े।
pm modi with Avika Rao

pm modi with Avika Rao

जब पीएम ने पूछा अविका नाम का मतलब

इस दौरान प्रधानमंत्री ने अविका से उनके नाम का मतलब भी पूछा, जिस पर परिजनों ने बताया कि अविका का मतलब 'सूर्योदय' है। हालांकि, हर किसी को आश्चर्य तब हुआ, जब पीएम मोदी ने कहा, यह नाम गुजरात में अंबाजी मंदिर में देवी अम्बाजी का नाम पर है। इस पर अविका ने तुरंत कहा कि वह अपने परिवार के साथ जल्द ही मंदिर जाएंगी। इस दौरान अविका ने प्रधानमंत्री के साथ फोटो भी ली।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article