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सुधार परिणामों में कब होते हैं परिवर्तित? PM मोदी ने समझाई एक-एक बात; बजट को बताया नीतिगत खाका

Budget 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग जगत से निवेश एवं नवाचार के साथ आगे आने और वित्तीय संस्थानों से उन्हें व्यावहारिक समाधान प्रदान करने एवं बाजार विश्वास को मजबूत करने में सहयोग देने का शुक्रवार को आग्रह किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: @BJP4India)

Photo : Twitter

Budget 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग जगत से निवेश एवं नवाचार के साथ आगे आने और वित्तीय संस्थानों से उन्हें व्यावहारिक समाधान प्रदान करने एवं बाजार विश्वास को मजबूत करने में सहयोग देने का शुक्रवार को आग्रह किया। 'विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार एवं वित्त' विषय पर बजट के बाद आयोजित 'वेबिनार' को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जब सरकार, उद्योग एवं ज्ञान क्षेत्र से जुड़े लोग एक साथ आते हैं, तो '' सुधार परिणामों में परिवर्तित होते हैं और कागज पर की गई घोषणाएं जमीनी स्तर पर उपलब्धियों में तब्दील होती हैं।''

PM मोदी ने क्या कुछ कहा?

उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में अवसंरचना पर जोर दिया है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 11 वर्ष पहले दो लाख करोड़ रुपये था जो बढ़कर केंद्रीय बजट 2026-27 में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उच्च पूंजीगत व्यय आवंटन निजी क्षेत्र के लिए नए उत्साह के साथ आगे आने का संकेत है। उन्होंने उद्योग से 2026-27 के बजट की सभी घोषणाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।

PM मोदी ने दिया निवेश का मंत्र

पीएम मोदी ने कहा, ''भारतीय कंपनियों को नए निवेश एवं नवाचार के साथ आगे आना चाहिए। वित्तीय संस्थानों को व्यावहारिक समाधान तैयार करने और बाजार विश्वास बढ़ाने में सहयोग देना चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने असाधारण मजबूती प्रदर्शित की है। यह संयोग से नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास-आधारित सुधारों के कारण संभव हुआ है। सरकार ने प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया है और कारोबार सुगमता को काफी आसान किया है।

उन्होंने सुझाव दिया, ''हमें एक स्पष्ट 'रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर' विकसित करना चाहिए जिसमें सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और शिक्षाविदों के बीच सहयोग हो। यह चार्टर 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा।'' बजट का मूल्यांकन अक्सर विभिन्न मानकों पर किए जाने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, '' राष्ट्रीय बजट कोई अल्पकालिक व्यापारिक दस्तावेज नहीं है। यह एक नीतिगत खाका है। इसलिए बजट की प्रभावशीलता का आकलन भी ठोस एवं सार्थक मानकों पर किया जाना चाहिए। ''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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