लोकसभा में आज सरकार आखिरकार नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। विपक्ष मॉनसून सत्र के पहले दिन से ही नीट पेपर लीक, राम मंदिर चंदा चोरी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा था। विपक्ष इसे लेकर प्रदर्शन भी कर रहा था। आज लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा को तैयार है। वहीं कांग्रेस ने कहा कि पहले धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, फिर चर्चा करें।
किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
लोकसभा में किरेन रिजिजू ने कहा, " सरकार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पहले दिन से ही हम कह रहे हैं कि चर्चा नियमों के मुताबिक होनी चाहिए। चर्चा कब होगी, कितनी देर तक चलेगी और किस नियम के तहत होगी, यह सब सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स से बातचीत के बाद तय किया जाना चाहिए। सरकार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। देश के युवाओं के भविष्य के लिए एक रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए - सरकार यही चाहती है।"
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमारा मांग साफ है, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। संसद के बाहर वेणुगोपाल ने कहा, "पिछले 3 दिनों से हम NEET परीक्षा का पेपर लीक होने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव (adjournment motion) ला रहे हैं। लेकिन सरकार हमारी मांग नहीं मान रही है। कल जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन किस नियम के तहत? यह सरकार इस मुद्दे पर इतनी असंवेदनशील क्यों है? उन्हें व्यवस्थित बहस करने से क्या रोक रहा है? हम तीन मांगों - NEET पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने - को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे... हमें पुलिस जैसी केंद्रीय एजेंसियों से ऐसे कठोर रवैये की उम्मीद रहती है, लेकिन हम इसका सामना करने में सक्षम हैं। हम छात्रों के लिए लड़ेंगे। हमारे नेता डरने वालों में से नहीं हैं। वह खुद के लिए लड़ सकते हैं। मोदी राहुल गांधी को खत्म करना चाहते हैं, तो उन्हें कोशिश करने दें। मोदी ने कल पुलिस भेजी थी। क्या विपक्ष के नेता के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है?"
