नीट पेपर लीक, कॉकरोच जनता पार्टी जंतर मंतर प्रोटेस्ट: राजधानी दिल्ली में NEET Paper Leak मामले और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहे छात्र आंदोलनों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासत पूरी तरह से गर्मा गई है। कांग्रेस के बाद अब शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आंदोलनरत युवाओं के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता जताई है।
सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके जैसे युवाओं के साथ खड़े-उद्धव ठाकरे
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि वे इस आंदोलन के समर्थन में अचानक नहीं आए हैं, बल्कि शुरुआत से ही सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके जैसे युवा नेताओं के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने सरकार के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "जिस तरह से सरकार इन युवाओं के साथ बर्बरता से पेश आ रही है, वह लोकतंत्र का संकेत नहीं है। आज लोग यहां तक कहने लगे हैं कि अंग्रेज भी इनसे बेहतर थे। सत्ता में बैठे लोगों को अपना अहंकार छोड़ना होगा, क्योंकि जनता को उन्हें जमीन पर लाने में वक्त नहीं लगता।"
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई को पूरी तरह से अस्वीकार्य और शर्मनाक-ममता बनर्जी
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह से "अस्वीकार्य" और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में विपक्ष द्वारा दिए जा रहे धरने का पूरा समर्थन करती है। गौरतलब है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य वरिष्ठ विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। विपक्षी नेताओं की मांग है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और उन पर अत्याचार की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
