Patna Patliputra Railway Violence: पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों ने शनिवार देर रात उग्र प्रदर्शन किया। बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों ने ट्रेनों की कमी और ट्रेन लेट पहुंचने से नाराज हो गए। इसके बाद छात्रों ने स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। इस घटना पर राजनेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर मद्य निषेध परीक्षा के दौरान हुई हिंसक झड़प और पथराव की घटना पर बड़ा बयान दिया है।
मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि उनका मानना है कि यह तोड़फोड़ और पथराव असली छात्रों द्वारा नहीं किया गया है, बल्कि इसके पीछे निश्चित रूप से कुछ असामाजिक तत्वों का हाथ था, जिन्होंने छात्रों की आड़ में इस उपद्रव को अंजाम दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार इस पूरे मामले की गहन जांच करवा रही है और जो भी लोग इस हिंसा के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रोशन आनंद के भाई के शव पर क्या बोले मंत्री
इसके साथ ही, मंत्री श्रवण कुमार ने मशहूर शिक्षक 'खान सर' के व्यावसायिक प्रतिद्वंदी (Rival) रोशन आनंद के भाई का शव नेपाल में मिलने के संवेदनशील मामले पर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया।उन्होंने कहा कि इस संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरी तत्परता से जांच में जुटी हुई हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और इस घटना के पीछे जो भी दोषी या जिम्मेदार लोग होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था न होने से नाराज थे छात्र
बता दें कि मद्य निषेध विभाग की परीक्षा दो पालियों में होनी थी, जिसके लिए हजारों अभ्यर्थी रात में ही स्टेशन पहुंच गए। इसी बीच स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था न होने और गाड़ियों के लेट होने से छात्रों में परीक्षा छूटने का डर सताने लगा। इसी दौरान जब पाटलिपुत्र से कटिहार के लिए चलाई गई एग्जाम स्पेशल ट्रेन स्टेशन पहुंची तो छात्रों में अफरातफरी मच गई।
नाराज छात्र पाटलिपुत्र-कटिहार एग्जाम स्पेशल ट्रेन के आगे पटरी पर बैठ गए और रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिसकी वजह से रेल परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जह छात्ररेलवे ट्रैक पर लेट गए और परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे।
