आज से संसद का शीतकालीन सत्र (PTI)
Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है जो 19 दिसंबर तक चलेगा। विपक्ष एसआईआरके मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारियों में है। कल ही सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने इस पर अपनी मंशा भी साफ कर दी थी। संसद के शीतकालीन सत्र में परमाणु ऊर्जा विधेयक-2025 के साथ 9 नए बिल पेश होने हैं। सरकार ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने के लिए नौ आर्थिक विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें बीमा कानूनों में संशोधन करने वाला एक विधेयक और तंबाकू औक पान मसाला जैसी हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स और उपकर लगाने से संबंधित दो अन्य विधेयक शामिल हैं। जानिए हर अपडेट -
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर बहस की मांग को लेकर विपक्षी दलों के लगातार हंगामे के बीच सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के बीच, मणिपुर में जीएसटी कानून में संशोधन लागू करने संबंधी विधेयक संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। इस मुद्दे पर अध्यादेश के स्थान पर यह विधेयक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिन में पहले पेश किया गया था। राज्य में राष्ट्रपति शासन है, इसलिए संसद इस कानून को पारित करने के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग कर रही है। दोपहर लगभग 2.20 बजे दिन भर के लिए स्थगित होने से पहले, सदन में सुबह और दोपहर में प्रश्नकाल के दौरान दो बार कार्यवाही स्थगित हुई। शीतकालीन सत्र के पहले दिन, जिसमें 15 बैठकें होंगी, लगातार व्यवधान देखा गया। कई विपक्षी सदस्य इस मुद्दे पर बहस की मांग करते हुए, "SIR" के नारे लगाते और विरोध करते हुए आसन के समक्ष आ गए। शून्यकाल के 12 मिनट के दौरान, सीतारमण ने 2025-2026 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के अलावा तीन विधेयक पेश किए।
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित हुआ तथा सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। विपक्षी सदस्यों ने ‘एसआईआर वापस लो’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के नारे लगाए। हंगामे के बीच ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ पेश किया। पीठासीन सभापति संध्या राय ने हंगामा कर रहे सदस्यों से नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, सदन की बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को कुछ दिवंगत पूर्व सदस्यों के निधन की जानकारी दी और सभा ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी।
राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मैं सर्वपल्ली राधाकृष्णन के निम्नलिखित कथनों को उद्धृत करना उचित समझता हूं। 16 मई 1952 को उन्होंने कहा था, "मैं किसी पार्टी से नहीं हूं।" मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि कई लोगों ने दावा किया कि आप उनकी पार्टी से हैं। अगर कोई लोकतंत्र विपक्षी समूहों को सरकार की नीतियों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और स्पष्ट आलोचना करने की अनुमति नहीं देता है, तो वह तानाशाही में बदल सकता है। यह सर्वपल्ली राधाकृष्णन का भाषण है।"
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस सदन में बैठे सभी सदस्य उच्च सदन की गरिमा बनाए रखते हुए, आपकी गरिमा का भी सदैव ध्यान रखेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि वे मर्यादा बनाए रखेंगे। हमारे सभापति जी एक साधारण परिवार से आते हैं, एक किसान परिवार से और उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में समर्पित कर दिया है। राजनीतिक क्षेत्र इसका एक पहलू रहा है, लेकिन मुख्यधारा समाज सेवा रही है। वे समाज के लिए समर्पित रहे हैं। वे हम सभी के लिए एक प्रेरणा और मार्गदर्शक हैं, जो समाज सेवा में रुचि रखते हैं।
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने एसआईआर मुद्दे पर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित।
संसद के शीतकालीन सत्र से पहले पीएम मोदी संसद भवन पहुंचे। संसद सत्र से पहले पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने लोकतंत्र को जिया है। ये सत्र देश के विकास में ऊर्जा भरेगा। देश को तेज गति से आगे ले जाने की कोशिश है। विपक्षी अहम मुद्दे उठाएं, पराजय के दौर से बाहर निकलकर आएं। मेरा सभी दलों से आग्रह है कि शीतकालीन सत्र में पराजय की बौखलाहट को मैदान नहीं बनना चाहिए। ये सत्र विजय के अहंकार में भी नहीं बदलना चाहिए। बहुत संतुलित तरीके से, जिम्मेदारी के साथ, जनप्रतिनिधित्व का दायित्व दिया है, उसे संभालते हुए आगे बढ़ें।
संसद भवन परिसर में राज्यसभा नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में इंडिया ब्लॉक फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया; सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर अभ्यास को तत्काल स्थगित करने की मांग की।
लखनऊ, यूपी | समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल संसद के शीतकालीन सत्र के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले हवाई अड्डे पर पहुंचे।
इस सत्र में सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक के साथ अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। वहीं, विपक्ष द्वारा 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी संभावना है। विपक्ष ने इसे लेकर अपनी मंशा कल हुई सर्वदलीय बैठक में ही साफ कर दी थी। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर भी संसद में हंगामे के आसार हैं। लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा एसआईआर का ही रहेगा जो बिहार चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया था। विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की है और सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की है।
शीतकालीन सत्र में परमाणु ऊर्जा विधेयक-2025 के साथ 9 नए बिल पेश होने हैं। इनमें भारतीय उच्च शिक्षा आयोग, राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन), कॉर्पोरेट कानून संशोधन, प्रतिभूति बाजार संहिता-2025 और मध्यस्थता कानून में बदलाव प्रमुख हैं। सत्र में 15 बैठकें होंगी और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। यह सत्र 19 दिसंबर को समाप्त होगा। संसद में कई विधायी और वित्तीय कार्य होने वाले हैं, जिसमें राष्ट्रपति स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025; मणिपुर माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025; और केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 सहित प्रमुख विधेयकों को पेश करने की सिफारिश करेंगे।
राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक की विषय-वस्तु से अवगत होकर, संविधान के अनुच्छेद 117 के खंड (1) और अनुच्छेद 274 के खंड (1) के अंतर्गत इसे प्रस्तुत करने की सिफारिश की है, जिस पर अनुच्छेद 117 के खंड (3) के अंतर्गत विचार किया जाएगा। इसी प्रकार, मणिपुर जीएसटी (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 को अनुच्छेद 207 के खंड (1) और (3) के तहत पेश करने और विचार करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त हुई है, जबकि केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को भी अनुच्छेद 117 और 274 के तहत मंजूरी दे दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, जिन अन्य विधायी प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है, उनमें जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025; दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025; निरसन और संशोधन विधेयक, 2025; राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025; परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025; कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025; प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक (एसएमसी), 2025; बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025; मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2025; और भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025 शामिल हैं।
शीतकालीन सत्र से ठीक एक दिन पहले रविवार 30 नवंबर को सर्वदलीय दल की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में दोनों सदनों के विधायी कार्यों और विभिन्न विषयों को लेकर चर्चा की गई। सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। वहीं, विपक्ष की ओर से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के अखिलेश यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।
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