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संसद सुरक्षा चूक में खुलासे: ललित ने जला दिए साथियों के फोन, मुंबई से खरीदे थे मेड इन चाइना स्मोक केन, बनवाए खास तरीके के जूते

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 15, 2023, 11:20 AM IST

Parliament security Breach: पुलिस ने कहा कि लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना के दो आरोपी 1929 के दौरान भारत में ब्रिटिश शासन के समय क्रांतिकारी भगत सिंह द्वारा सेंट्रल असेंबली के अंदर बम फेंके जाने जैसी घटना को दोहराना चाहते थे।

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संसद की सुरक्षा में चूक

Parliament security Breach: संसद सुरक्षा चूक मामले रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच आखिरी छठे आरोपी ललित झा को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपी ललित ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि उसने और महेश ने मोबाइल फोन को जला दिया था। ललित के पास अपने चार साथियों के मोबाइल फोन थे। घटना को अंजाम देने से पहले चारों ने अपने फोन ललित को दे दिए थे। फिर मौके से ललित घटना की मोबाइल रिकॉर्डिंग करने के बाद वह फरार हो गया था।

मेड इन चाइना थे स्मोक केन

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, संसद हमले में प्रयोग किए गए स्मोक बम चीन में बने हुए थे और हर स्मोक केन में चेतावनी लिखी हुई थी। दिल्ली पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि हर स्मोक केन पर चेतावनी लिखी हुई थी। पुलिस ने एफआईआर में स्मोक केन को 1- 5 नंबर दिया है। सभी पर चेतावती लिखी है। चीन में निर्मित केन पर केवल पर्यवेक्षण क्षेत्र में उपयोग के लिए, लिखा हुआ है। इन स्मोक केन पर स्पष्ट रूप से चेतावनी लिखी हुई है कि इन्हें कभी भी घर के अंदर या बंद स्थान पर न चलाएं। चलाते समय चश्मा और दस्ताने पहनें।

इसमें चलाने का तरीका भी बताया गया है।

मुंबई से खरीदे गए इन स्मोक केन पर इन्हें चलाने का तरीका भी बताया गया है। निर्देश में बताया गया है कि पहले सुरक्षात्मक टोपी हटाएं। चलाने के बाद दूर हो जाएं। इस मामले में महेश और कैलाश भी हिरासत में लिए गए हैं। ललित के साथ महेश भी आया था, बाद में उसे भी हिरासत में लिया गया। महेश भी संसद जाने वाला था पर उसके परिजनों ने उसे जाने नहीं दिया।

शहीद भगत सिंह जैसी घटना को दोहराना चाहते थे आरोपी

पुलिस ने कहा कि लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना के दो आरोपी 1929 के दौरान भारत में ब्रिटिश शासन के समय क्रांतिकारी भगत सिंह द्वारा सेंट्रल असेंबली के अंदर बम फेंके जाने जैसी घटना को दोहराना चाहते थे। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक पर्चा बरामद किया गया, जिसमें लिखा था, प्रधानमंत्री लापता हैं और जो भी उन्हें ढूंढे़गा उसे स्विस बैंक से पैसा मिलेगा। पुलिस सूत्रों ने कहा कि आरोपियों के जूते विशेष रूप से डिजाइन किए गए थे और धुएं के केन को छिपाने के लिए जगह बनाई गई थी।

देश के लिए जो नहीं खौला वो खून नहीं पानी है...

अधिकारी ने कहा कि इन केन को सागर शर्मा ने लखनऊ से खरीदा था। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने संसद में पर्चे फेंकने की योजना बनाई थी। इसने कहा कि उन्होंने तिरंगे भी खरीदे थे। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के पास से कुछ और पर्चे बरामद किए गए, जिनमें युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़काने वाले संदेश थे। एक सूत्र ने कहा कि ऐसे ही एक पर्चे पर लिखा था, देश के लिए जो नहीं खौला वो खून नहीं पानी है। बता दें कि आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए और उन्होंने केन से पीली गैस उड़ाते हुए नारेबाजी की। हालांकि, सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया। (Input from Anuj)

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