Lalit Jha: संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले की जांच में गृह मंत्रालय जुट गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस गंभीर चूक की जांच हर एंगल से कर रही हैं। इस बीच जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड ललित झा हो सकता है जो कि फरार है। ललित झा को पकड़ने के लिए एसआईटी की दो टीमें लगी हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि ललित झा ने कोलकाता में रहने वाले अपने सहयोगी नीलाक्ष को घटना का वीडियो भेजा था और उसे वीडियो शेयर करने के लिए भी कहा था।।
खुद को एनजीओ संचालक बताता है ललित
ललित झा और नीलाक्ष के बीच फोन पर बातचीत का चैट वायरल हुआ है। ललित खुद को एनजीओ संचालक बताता है। नीलाक्ष भी इस एनजीओ का सदस्य है। संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में गृहमंत्रालय एक्शन में है। CRPF DG की अध्यक्षता में जांच चल रही है। जबकि दिल्ली पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मास्टरमाइंड हो सकता है ललित झा
सूत्रों का कहना है कि फरार ललित झा इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड हो सकता है। अभी तक किसी का फोन रिकवर नहीं हुआ है। फोन मिलने से कई सवालों सुलझ सकते हैं। इस मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपियों पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि शक है कि आरोपियों ने अलग-अलग शहरों में ग्रुप बनाए होंगे। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे ग्रुप की पहचान करने में जुटी हैं।
संसद भवन में एंट्री को लेकर सुरक्षा कड़ी
बुधवार को संसद की सुरक्षा में सेंध लगने के बाद आनन-फानन में नए संसद भवन में एंट्री से लेकर सुरक्षा तक के स्तर पर कई बदलाव किए गए हैं। संसद की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल विजिटर्स की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं सांसदों, स्टाफ, पत्रकारों की एंट्री के लिए अलग गेट बना दिया गया है। साथ ही दर्शक दीर्घा के चारों ओर ग्लास की शील्ड लगाने का फैसला लिया गया है। और जल्द ही संसद में अब बॉडी स्कैन मशीन लगेंगी इसके अलावा सुरक्षा कर्मियों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
