संसद का शीतकालीन सत्र जब से शुरू हुआ है, तभी से लगातार लोकसभा और राज्यसभा की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ रही है। आखिरकार आज यानी सोमवार 2 दिसंबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने लोकसभा में गतिरोध समाप्त करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई। लोकसभा अध्यक्ष ने तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ अपने चैंबर में बातचीत की, जो सकारात्मक रही। बैठक में सभी दलों ने सदन में गतिरोध खत्म करने का आश्वासन दिया है।
संसद के सुचारू संचालन पर सभी राजनीतिक दलों के बीच सहमति बन गई है। अब उम्मीद की जानी चाहिए कि कल यानी मंगलवार 3 दिसंबर से लोकसभा की बैठक में हंगामा नहीं होगा, बल्कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में ओम बिड़ला ने सभी सदस्यों से अपील की कि सदन को सुचारू रूप से चलने दें और जनता के मुद्दों पर चर्चा को प्राथमिकता दें। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इस पर सहमति जताई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज यानी सोमवार 2 दिसंबर को ही भरोसा दिलाया कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार से बिना किसी हंगामे के होगी। लोकसभा अध्यक्ष के साथ बैठक में ये नेता शामिल रहे -
- गौरव गोगोई - कांग्रेस
- कल्याण बनर्जी - टीएमसी
- अभय कुशवाहा - आरजेडी
- टी.आर. बालू - डीएमके
- धर्मेंद्र यादव - समाजवादी पार्टी
- अरविंद सावंत - शिवसेना (यूबीटी)
- के. राधाकृष्णन - सीपीआई (एम)
- लवु श्री कृष्ण देव रायालु - वाईएसआर कांग्रेस
- सुप्रिया सुले - एनसीपी (एससी)
- दिलेस्वर कामैत - जेडीयू
संविधान पर भी होगी चर्चा
इस दौरान यह भी सहमति बनी कि संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद में इस पर विशेष चर्चा का आयोजन होगा। यह ऐतिहासिक चर्चा 13-14 दिसंबर को आयोजित हो सकती है। चर्चा में संविधान के मूल सिद्धांतों, इसके विकास और देश की प्रगति में संविधान की भूमिका पर विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं और अपने विचार रख सकते हैं।
किरेन रिजिजू ने बताया कि 16-17 दिसंबर को संविधान पर चर्चा राज्यसभा में भी होगी। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष से सभी सदस्यों से कहा, 'अगर आप कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं तो उसके लिए नियम है। आप इसके लिए नोटिस दे सकते हैं, लेकिन संसद में हंगामा करना और कार्यवाही को बाधित करना अच्छी बात नहीं है।'
रिजिजू ने कहा कि यह अच्छा है कि सभी ने लोकसभा अध्यक्ष की बात मानी और अब कल से चर्चा होगी। लोकसभा में चर्चा के बाद हम कल पहला बिल पास करेंगे। राज्यसभा में भी लंबित बिल पास होंगे। उन्होंने कहा, मैं विपक्ष के सभी नेताओं और सांसदों से अपील करता हूं कि आज जिन बातों पर सहमति बनी है, उन पर बने रहें। हमें संसद को अच्छी तरह से चलाना है।
