Parliament Budget Session 2026 Update: संसद के बजट सेशन का दूसरा सेशन सोमवार को शुरू हुआ और जयशंकर के मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर जानकारी देने और फिर सवाल ना लेने पर उपजे विवाद के बाद कार्यवाही एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में दोपहर 12.15 बजे स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग करने वाले विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। जो कि आज नहीं हो सकेगी। इस प्रस्ताव को कई विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिला है, जिसमें बिरला पर 'पक्षपातपूर्ण' तरीके से काम करने का आरोप है। इस प्रस्ताव से सत्ताधारी BJP के साथ तीखी बहस होने की उम्मीद थी, जिसने सदन में सांसदों की मौजूदगी पक्का करने के लिए व्हिप जारी किया था। स्पीकर विवाद के अलावा, पश्चिम एशिया में तनाव का मुद्दा कार्यवाही पर हावी रहा। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और फिर ईरान के जवाबी हमलों के बीच भारत की स्थिति पर बयान दिया और राज्यसभी को सभी कार्यों से अवगत कराया। विपक्षी पार्टियों द्वारा पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट में बदलाव जैसे मुद्दे उठाने की भी उम्मीद था। जो कि आज नहीं हो पाई।
Parliament 9 March 2026 Update:
लोकसभा में अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस पर नहीं शुरू हो सकी चर्चा
लोकसभा में सोमवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष के इस रुख पर अड़े रहने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के विपक्ष के नोटिस पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
सदन की बैठक दो बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद को लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अपना संकल्प रखने को कहा।
इस दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य पश्चिम एशिया के हालात पर सदन में चर्चा कराने की मांग करते हुए आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के सदस्य नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की इजाजत भी आसन से मांग रहे थे।
पीठासीन सभापति पाल ने मोहम्मद जावेद से कहा, ’’आप केवल अपना संकल्प रख सकते हैं। आपको और कोई प्रस्ताव रखने का अधिकार नहीं है। आप आसन से यह नहीं कह सकते कि राहुल (गांधी) को बोलने दें, केसी वेणुगोपाल को बोलने दें। यह कौन सा नियम है।’’
उन्होंने कहा, ’’संसद की कार्यवाही में प्रति मिनट ढाई लाख रुपये खर्च होते हैं। एक दिन में नौ करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। जनता के पैसे का इस तरह आप नुकसान कर रहे हैं। आप संसद को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इतने दिन पहले से लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, लेकिन इस विषय पर चर्चा कराने की जगह अब दूसरा विषय उठाया जा रहा है।
पाल ने हंगामा कर रहे विपक्ष के सांसदों से कहा, ’’आपने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस क्यों दिया है। यदि गंभीर हैं तो उस पर चर्चा शुरू कराएं।’’
उन्होंने कहा कि आसन चर्चा कराने को तैयार है, सरकार चर्चा कराने को तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन नहीं चलाना चाहता। पीठासीन सभापति ने कहा कि पश्चिम एशिया के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर विस्तृत बयान दे चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा, ’’पिछले कई दिन से लोकसभा अध्यक्ष नैतिक आधार पर सदन में नहीं आ रहे। आप चर्चा भी नहीं कर रहे और अध्यक्ष को सदन में नहीं आने दे रहे। आप इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं।’’
पाल ने विपक्ष के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा, ’’पूरा देश आपका यह गैर जिम्मेदाराना और अपरिपक्व व्यवहार देख रहा है।’’ इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही एक वर्तमान सदस्य और चार पूर्व सदस्यों के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दोपहर 12 बजे बैठक आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्य पश्चिम एशिया के संकट के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। इनमें से कई सदस्यों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की।
उन्होंने कहा, ’’आप लोग सदन में तख्तियां लेकर आए हैं, आप यह पहले से तय करके आएं है कि सदन नहीं चलने देना है।’’ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस पर गैरजिम्मेदार विपक्षी दल होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लगता है कि विपक्ष असमंजस में है क्योंकि पहले वह खुद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ ’अनावश्यक’ प्रस्ताव लेकर आया और अब दूसरा विषय लेकर आ गया। रीजीजू का कहना था कि सरकार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष चर्चा शुरू करे।
केंद्रीय मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, ’’ऐसा गैरजिम्मेदार विपक्षी दल कभी नहीं देखा। क्या एक परिवार, एक व्यक्ति पूरे देश के राजा हैं। (कांग्रेस के) वरिष्ठ लोग अपनी अंतरात्मा में झांककर देखें कि इससे क्या भला हो रहा है। संसद की गरिमा को कितना गिराया है।’’
हंगामा नहीं थमने पर पाल ने लगभग आधे घंटे बाद कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज हुई और पहले दिन लोकसभा की कार्यसूची में अध्यक्ष ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने से संबंधित विषय सूचीबद्ध था, हालांकि आज इस मुद्दे पर सदन में चर्चा शुरू नहीं हो सकी।
-हम पश्विम एशिया में संवाद और कूटनीति के पक्षधर, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीति का पक्षधर है और उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता उस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है।
निचले सदन में पश्चिम एशिया संघर्ष पर दिए अपने वक्तव्य में जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार सहित राष्ट्रीय हित सरकार के लिए हमेशा सर्वोपरि रहेंगे।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों की जोरदार नारेबाजी के बीच जयशंकर ने कहा कि हालिया घटनाक्रम ’’हम सभी के लिए गहरी चिंता का कारण है।’’
मंत्री ने इससे पहले राज्यसभा में इस विषय पर वक्तव्य दिया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार के दृष्टिकोण के तीन मार्गदर्शक कारकों का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और सभी पक्षों से संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने का आग्रह करता है।
उन्होंने कहा, ’’हम तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पैरोकारी करते हैं।’’
विदेश मंत्री ने कहा, ’’क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम इस दिशा में क्षेत्र की सरकारों के साथ काम करना जारी रखेंगे।’’
-राज्यसभा : जयशंकर के बयान के दौरान विपक्ष के बहिर्गमन पर नड्डा ने कसा तंज
राज्यसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान के दौरान हंगामा करने और सदन से बहिर्गमन किए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को आरोप लगाया कि विपक्ष केवल ’’अराजकता’’ फैलाना चाहता है।
उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर तीन पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई और फिर आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए गए। इसके बाद राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने जयशंकर को ’’पश्चिम एशिया में हालात’’ पर बयान देने के लिए आमंत्रित किया।
इसी बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। आसन से अनुमति मिलने पर खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्ष में वृद्धि से देश की आर्थिक स्थिरता प्रभावित होगी और वहां कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं आजीविका के लिए खतरा पैदा करेगी।
खरगे ने कहा, ’’मैं ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक स्थिति के प्रभाव पर एक संक्षिप्त चर्चा का अनुरोध करता हूँ।’’
उन्होंने कहा ’’पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही राजनीतिक स्थिति अब वहीं तक सीमित नहीं है। इसका असर भारत की ऊर्जा स्थिति पर और उसकी साख पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल जरूरत का 55 फीसदी तेल आयात करता है। निश्चित रूप से पश्चिम एशिया के हालात से हमारी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।
खरगे ने कहा कि ईरान तथा खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ से अधिक भारतीय काम करते हैं तथा हाल की घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिक भी मारे गए हैं।
सभापति ने खरगे से कहा कि वह बाद में उनकी बात रखने की अनुमति देंगे। उन्होंने जयशंकर को बयान देने के लिए कहा।
जयशंकर के बयान शुरू करने पर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद खरगे को अपनी बात रखने देने और संक्षिप्त चर्चा की अनुमति देने की मांग करते रहे। आसन की ओर से अनुमति न दिए जाने पर विपक्ष के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।
जयशंकर ने अपना बयान दिया। इसके बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार को गैरजिम्मेदाराना करार दिया और कहा कि उनका उद्देश्य केवल अराजकता फैलाना है।
नड्डा ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों की देश के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे विभिन्न मुद्दों पर बहस और चर्चा की मांग करते हैं लेकिन बहस या चर्चा का जब मंत्री जवाब देते हैं तो विपक्षी दल उनका बहिष्कार करते हैं।
-पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही बाधित
विपक्षी दलों के सदस्यों ने पश्चिम एशिया संकट पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष के इस रुख पर अडिग रहने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी चर्चा और मतदान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए और फिर सभा ने टी20 विश्वकप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी।
इसके साथ ही, विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। इनमें से कई सदस्यों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। पाल ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की।
उन्होंने कहा, ’’आप लोग सदन में तख्तियां लेकर आए हैं, आप यह पहले से तय करके आएं है कि सदन नहीं चलने देना है।’’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस पर गैरजिम्मेदार विपक्षी दल होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लगता है कि विपक्ष असमंजस में है क्योंकि पहले वह खुद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ ’अनावश्यक’ प्रस्ताव लेकर आया और अब दूसरा विषय लेकर आ गया।
रीजीजू का कहना था कि सरकार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष चर्चा शुरू करे।
केंद्रीय मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, ’’ऐसा गैरजिम्मेदार विपक्षी दल कभी नहीं देखा। क्या एक परिवार, एक व्यक्ति पूरे देश के राजा हैं। (कांग्रेस के) वरिष्ठ लोग अपनी अंतरात्मा में झांककर देखें कि इससे क्या भला हो रहा है, संसद की गरिमा को कितना गिराया है।’’
जगदंबिका पाल ने कहा, ’’लोकसभा अध्यक्ष ने नैतिकता के उच्च मापदंड का हवाला देकर आसन पर नहीं बैठने का फैसला किया, लेकिन आप लोग (विपक्ष) चर्चा नहीं करना चाहते हैं।’’
हंगामा नहीं थमने पर पाल ने दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
-पश्चिम एशिया विवाद पर इंडिया ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन
राहुल गांधी और खड़गे के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने पश्चिम एशिया विवाद पर केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
-विदेश मंत्री का वक्तव्य पर्याप्त नहीं, पश्चिम एशिया पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए: कांग्रेस
कांग्रेस ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट पर संसद में विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर असंतोष जताते हुए कहा कि इस मामले पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया गया, जिसके बाद विपक्ष को वॉकआउट करना पड़ा।
रमेश ने ’एक्स’ पर पोस्ट किया, ’’जैसा कि अपेक्षित था, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए वक्तव्य दिया, जिस पर कोई प्रश्न नहीं पूछा जा सकता या स्पष्टीकरण नहीं मांगा जा सकता। संपूर्ण विपक्ष पश्चिम एशिया के हालात पर तत्काल चर्चा चाहता था। इसे अस्वीकार कर दिया गया और इसलिए विपक्ष ने विरोध के बाद वॉकआउट कर दिया।’’
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति की ओर लौटने का पक्षधर है तथा तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता है।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर अपनी ओर से दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय का कल्याण और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
-लोकसभा ने भारतीय टीम को टी20 क्रिकेट विश्वकप जीतने की बधाई दी
लोकसभा ने भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप जीतने की बधाई दी और खिलाड़ियों को भविष्य के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने सदन में कहा कि भारतीय टीम की जीत से पूरे देश में उल्लास का माहौल है।
उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से लाखों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। सदस्यों ने मेजें थपथपाकर भारतीय खिलाड़ियों की सराहना की। भारत ने रविवार को अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में आयोजित फाइनल मैच में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।
-पश्चिम एशिया संघर्ष पर जयशंकर ने कहा : भारत शांति और कूटनीति का पक्षधर
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति की ओर लौटने का पक्षधर है तथा तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता है।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ओर से दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय का कल्याण और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
उन्होंने कहा, "हम क्षेत्र के देशों की सरकारों के साथ काम करना जारी रखेंगे। हमारे राष्ट्रीय हित हमेशा सर्वोपरि रहेंगे, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक लक्ष्य शामिल हैं।"
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले करने तथा उसके जवाब में तेहरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इजराइल पर हमले किए जाने के बाद तेल की कीमतों में आई तेजी का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें ऊर्जा बाजार की उपलब्धता, लागत और जोखिम को पूरी तरह ध्यान में रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, "भारतीय उपभोक्ताओं का हित हमारे लिए हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है और आगे भी रहेगा। जहां आवश्यक हुआ है, वहां इस अस्थिर स्थिति में भारतीय कूटनीति ने हमारी ऊर्जा कंपनियों के प्रयासों का समर्थन किया है।"
विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत सरकार वहां की स्थिति का लगातार आकलन कर रही है और वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
जयशंकर ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना जाहिर रूप से कठिन है, हालांकि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत की है।
-जयशंकर के भाषण के दौरान नारेबाजी के बाद लोकसभा दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित
विदेश मंत्री एस जयशंकर के मिडिल ईस्ट युद्ध पर भाषण में विपक्षी सांसदों के दखल देने के बाद लोकसभा दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
-कांग्रेस बोली- खाड़ी युद्ध पर जयशंकर के सुओ मोटो बयान के बाद विपक्ष ने वॉकआउट किया।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर राज्यसभा में सुओ मोटो बयान दिया और कहा कि जिस फॉर्मेट में सवाल या सफाई नहीं मांगी जा सकती, वह सही नहीं है। रमेश ने आगे कहा कि बहस से मना करने पर विरोध के बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।
-विपक्ष की नारेबाजी के बीच जयशंकर ने ईरान युद्ध पर लोकसभा को जानकारी दी
विदेश मंत्री एस जयशंकर विपक्ष की नारेबाजी के बीच बढ़ते US-इजराइल vs ईरान युद्ध पर लोकसभा को जानकारी दे रहे हैं।
-जयशंकर ने कहा कि ईरान ने IRIS लवन को कोच्चि में डॉक करने देने के लिए भारत को धन्यवाद दिया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान युद्ध पर एक ब्रीफिंग के दौरान राज्यसभा को बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कोच्चि पोर्ट पर ईरानी नेवी के जहाज IRIS लवन को शरण देने के लिए भारत को धन्यवाद दिया है। यह तब हुआ जब US ने श्रीलंका के तट पर IRIS डेना को डुबो दिया था, जिसमें 87 लोग मारे गए थे।
-ईरान युद्ध पर जयशंकर ने कहा कि भारतीय कंज्यूमर का हित हमेशा सबसे ऊपर रहेगा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारतीय कंज्यूमर का हित सरकार की सबसे ऊपर रहेगा। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर राज्यसभा को जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि इस स्थिति से 'सप्लाई चेन में गंभीर रुकावट' आ सकती है।
-सुरक्षा पैनल ने ईरान के हमलों और भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता जताई: जयशंकर
ईरान युद्ध पर राज्यसभा को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 1 मार्च को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मीटिंग हुई।
उन्होंने कहा कि पैनल को ईरान में एयरस्ट्राइक और उसके बाद कई खाड़ी देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई, और इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई।
-स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर 10 घंटे की चर्चा
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर मंगलवार से 10 घंटे की चर्चा होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रस्ताव पर बहस शुरू करेंगे।
यह बहस दो दिनों तक चलेगी, जिसमें पहले दिन पांच घंटे और दूसरे दिन बाकी पांच घंटे चर्चा होगी।
अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, रविशंकर प्रसाद और भर्तृहरि महताब जैसे सीनियर BJP नेताओं के इस चर्चा में हिस्सा लेने की उम्मीद है।
-जयशंकर ने कहा कि सरकार तेहरान में खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के संपर्क में
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लगातार संपर्क में है और तेहरान में भारतीय दूतावास पूरी तरह से चालू है, जो चल रहे संघर्ष के बीच फंसे हुए छात्रों की मदद कर रहा है।
उन्होंने राज्यसभा को बताया कि दूतावास ने पहले ही कई छात्रों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाने में मदद की है, जबकि कतर और जॉर्डन जैसे देशों में फंसे भारतीयों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की कोशिशें भी चल रही हैं।
-जयशंकर ने कहा, PM ईरान युद्ध पर नजर रख रहे हैं, भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेहरान पर US-इजराइली हमलों पर नजर रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा सरकार की मुख्य प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नए हो रहे डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं, और संबंधित मंत्रालय असरदार जवाब देने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं।'
-जयशंकर ने ईरान युद्ध पर राज्यसभा को जानकारी दी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान पर बढ़ते US-इजराइली हमलों पर राज्यसभा को जानकारी दी और सरकार का रुख दोहराया कि बातचीत और डिप्लोमेसी ही सभी पक्षों के लिए तनाव कम करने का रास्ता है।
उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार ने 28 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। हमारा मानना है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।'
यह टिप्पणी तब आई जब विपक्षी सांसदों ने सदन में हंगामा किया और नारे लगाए।
-जयशंकर की राज्यसभा गल्फ ब्रीफिंग से पहले कांग्रेस की मांग
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पिछले महीने ईरान पर US-इजराइल के हमलों के बाद गल्फ में एनर्जी सप्लाई और भारतीयों की सुरक्षा पर छोटी चर्चा की मांग की है।
-लोकसभा स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को कुछ पूर्व सदस्यों के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद दोपहर बारह बजे तक स्थगित ।
-रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ मोशन पर विपक्ष की आलोचना की
बजट सेशन के दूसरे हिस्से से पहले, पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग वाला मोशन लाने के लिए विपक्ष की आलोचना की। रिजिजू ने कहा कि यह कदम संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करता है और इंडियन नेशनल कांग्रेस पर डेमोक्रेटिक नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार पार्लियामेंट में इसका कड़ा जवाब देगी और भरोसा जताया कि मोशन हार जाएगा, साथ ही चेतावनी दी कि कांग्रेस इसे आगे लाने पर पछताएगी। रिजिजू ने यह भी कन्फर्म किया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर सेशन के दौरान वेस्ट एशिया के हालात पर दोनों सदनों में बयान देंगे।
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