Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि लालच की महामारी पूरे देश में फैल गई है, जिसका सबसे भयावह रूप शहरी बदहाली है। उन्होंने लोगों से सरकार से जवाबदेही मांगने का आह्वान किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने ये टिप्पणियां X पर एक पोस्ट में कीं, जिसमें दिल्ली के मुबारकपुर डबास स्थित शर्मा एन्क्लेव से एक पत्रकार की रिपोर्ट का वीडियो भी शामिल था। वीडियो में सीवेज ओवरफ्लो के कारण पूरे इलाके में फैला पानी दिखाया गया है।
व्यवस्था सत्ता में बैठे लोगों के हाथों बिक चुकी है...
राहुल ने हिंदी में अपने पोस्ट में कहा, आज हर आम भारतीय का जीवन इसी तरह नरक बन गया है। व्यवस्था सत्ता में बैठे लोगों के हाथों बिक चुकी है। हर कोई एक-दूसरे की पीठ थपथपाता है और फिर मिलकर जनता को रौंदता है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने हैशटैग "टीना" (There Is No Accountability) का इस्तेमाल करते हुए कहा, लालच की महामारी पूरे देश में फैल गई है, जिसका सबसे भयावह चेहरा शहरी भ्रष्टाचार है। हमारा समाज मर रहा है क्योंकि हमने इस भ्रष्टाचार को न्यू नॉर्मल मान लिया है - सुन्न, मौन, उदासीन। जवाबदेही की मांग करें, वरना यह भ्रष्टाचार हर घर तक पहुंच जाएगा।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मुद्दा
नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के कुछ दिनों बाद, राहुल ने मंगलवार को जवाबदेही की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि यह घटना भारत में फैलाई जा रही लालच और अन्य जीवित प्राणियों के प्रति अनादर की संस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। गुरुग्राम में काम करने वाले युवराज मेहता (27) 16 जनवरी की रात को घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। लगभग दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाने के बाद उनकी मौत हो गई।
बता दें कि ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मंगलवार को नोएडा के एक टेक इंजीनियर की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम केस में शामिल था। कुमार को नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन की टीम ने हिरासत में लिया है। अभय कुमार नॉलेज पार्क इलाके में स्थित एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट MZ विस्टाउन के मालिक हैं। यह गिरफ्तारी इंजीनियर की मौत से जुड़े मामले में चल रही जांच के तहत हुई है।
एसआईटी ने घटना की जांच शुरू की
उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले की जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम ने मंगलवार से अपनी जांच शुरू कर दी। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच शुरू की है। एडीजी भानु भास्कर, मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता अजय वर्मा दोपहर करीब 12 बजे सबसे पहले नोएडा विकास प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे, यहां से मामले की जांच शुरू की। जांच समिति के सदस्यों ने मृतक के परिजनों से भी मुलाकात की।
गुरुग्राम की कंपनी में काम करते थे युवराज
युवराज मेहता गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे और हाइब्रिड वर्क शेड्यूल फॉलो करते थे, ज्यादातर घर से काम करते थे और हफ्ते में दो बार ऑफिस जाते थे। शुक्रवार को वह ऑफिस गए थे और देर रात घने कोहरे के बीच घर लौट रहे थे। वह अपने पिता के साथ टाटा यूरेका पार्क में रहते थे। उनकी मां का दो साल पहले निधन हो गया था। युवराज परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी बड़ी बहन शादीशुदा है और UK में रहती है।
