तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने रविवार को इसे लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि चर्चा के बाद ऐसा समझौता किया जाएगा जिससे गठबंधन के उम्मीदवारों को जीत हासिल करने में मदद मिले।
नामांकन दाखिल करने में अभी 15 दिन का समय
चेन्नई में एक इफ्तार कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अभी नामांकन दाखिल करने में लगभग 15 दिन का समय बाकी है। उन्होंने बताया कि 30 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, इसलिए गठबंधन दलों के पास सीट बंटवारे पर सहमति बनाने के लिए पर्याप्त समय है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बातचीत पूरी हो जाएगी, मीडिया को इसकी जानकारी दी जाएगी।
एनडीए गठबंधन में शामिल हैं ये दल
तमिलनाडु में एनडीए गठबंधन में एआईएडीएमके के अलावा भाजपा, एएमएमके और पीएमके जैसे दल शामिल हैं। पलानीस्वामी ने कहा कि सीटों का बंटवारा इस तरह किया जाएगा कि गठबंधन के उम्मीदवार चुनाव में मजबूत स्थिति में रहें और जीत सुनिश्चित कर सकें।
स्टालिन के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों के निशाने पर होने की बात कही थी। पलानीस्वामी ने कहा कि ऐसे बयान आमतौर पर चुनावी मौसम में ही दिए जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि डीएमके सरकार ने अपने कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के लिए क्या ठोस काम किया है।
पलानीस्वामी ने अल्पसंख्यक समुदायों को लेकर किया यह दावा
पलानीस्वामी ने दावा किया कि एआईएडीएमके सरकार के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई थीं। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में हज यात्रा के लिए भी बिना किसी बाधा के वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि एआईएडीएमके के संस्थापक एम. जी. रामचंद्रन और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के शासनकाल के साथ-साथ उनके नेतृत्व वाली सरकार का दौर अल्पसंख्यकों के लिए “स्वर्णिम काल” रहा है। आगामी चुनावों को लेकर पलानीस्वामी ने विश्वास जताया कि तमिलनाडु की जनता एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को समर्थन देगी और राज्य में फिर से उनकी सरकार बनाने का अवसर देगी।
