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नहीं सुधर रहा पाकिस्तान, LoC पर फिर की गोलीबारी; भारतीय सेना ने भी दिया माकूल जवाब

India vs Pakistan: पाक सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के कई जगहों पर एक बार फिर गोलीबारी की है। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी), अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बार-बार गोलीबारी कर रहा है और सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। इसी बीच भारत ने नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे के संघर्ष विराम उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को चेतावनी दी।

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LoC पर पाकिस्तान ने फिर की फायरिंग

Photo : PTI

Jammu-Kashmir: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी नापाक करतूतों से बाज नहीं आ रहा है। एक तरफ पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर लगातार पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में गोलीबारी कर रहे हैं। पाक आर्मी आए दिन खबर आ रही है कि कई सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने इसका ‘माकूल जवाब’ दिया।

पाकिस्तानी सैनिकों की फिर गीदड़भभकी, सरहद पर की गोलीबारी

30 अप्रैल से 1 मई 2025 की रात के दौरान, पाकिस्तान सेना की चौकियों ने जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में नियंत्रण रेखा (LoC) के पार कुपवाड़ा, उरी और अखनूर सेक्टरों में बिना किसी उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की। इस पर भारतीय सेना ने उपयुक्त और संतुलित जवाब दिया।

भारत ने संघर्ष विराम उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को दी चेतावनी

भारत ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे के की गई गोलीबारी को लेकर चेतावनी दी है। पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर बढ़ते तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों ने ‘हॉटलाइन’ पर बातचीत की। सैन्य सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान शुक्रवार रात से नियंत्रण रेखा पर भारतीय सीमा में संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी कर रहा है और भारतीय सेना ने इसका ‘‘उचित’’ जवाब दिया है।

भारत ने 2003 के युद्धविराम समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराया

सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने मंगलवार को यह बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जवाब देने के लिए अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है। इस हमले में 26 लोग मारे गये थे। डीजीएमओ वार्ता से परिचित लोगों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना को बिना उकसावे के गोलीबारी के खिलाफ चेतावनी दी गई है।

हालांकि, सूत्रों ने ‘हॉटलाइन’ पर हुई बातचीत को ‘‘नियमित’’ बताया और कहा कि यह डीजीएमओ के बीच साप्ताहिक बातचीत थी जो हर मंगलवार को होती है। सूत्रों ने बताया कि भारतीय डीजीएमओ ने पाकिस्तानी सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन का मामला जोरदार तरीके से उठाया। तनाव कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, 25 फरवरी, 2021 को भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं ने घोषणा की थी कि वे 2003 के युद्धविराम समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी बंद कर देंगे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार रात को भी बारामूला और कुपवाड़ा जिलों तथा परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार अपनी चौकियों से छोटे हथियारों का इस्तेमाल करते हुए ‘‘बिना उकसावे के गोलीबारी’’ की।

एक दिन पहले भी पाक सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर की थी गोलीबारी

एक दिन पहले भी जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास परगवाल सेक्टर और राजौरी जिले के सुंदरबनी एवं नौशेरा सेक्टर में छोटे हथियारों से गोलीबारी की सूचना मिली थी। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बीच लगातार छठी रात पाकिस्तान ने एलओसी पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। जम्मू में एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘29 और 30 अप्रैल की रात को पाकिस्तानी सैन्य चौकियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर सेक्टर के सामने स्थित नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी।’’ प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने इसका माकूल जवाब दिया।

पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों के मारे जाने की घटना के बाद 24 अप्रैल की रात से भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के बाद से पाकिस्तानी सैनिक कश्मीर घाटी से लेकर जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के साथ विभिन्न स्थानों पर बिना उकसावे के गोलीबारी कर रहे हैं। पाकिस्तान के साथ भारत 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जिसमें गुजरात से जम्मू के अखनूर तक लगभग 2,400 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी), जम्मू से लेह तक 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (एलओसी) और सियाचिन क्षेत्र में 110 किलोमीटर लंबी वास्तविक ग्राउंड पोजिशन लाइन (एजीपीएल) शामिल है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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