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आम आतंकी नहीं थे पहलगाम के हमलावर, मिल रखी थी पाकिस्तानी कमांडो की ट्रेनिंग, अभी भी कश्मीर में मौजूद हैं ऐसे 15-20 टेररिस्ट!

पहलगाम आतंकी हमले के हमलावरों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के खुलासे के अनुसार इन आतंकियों को मिलिट्री ट्रेनिंग मिली हुई थी। ऐसे कई आतंकी कश्मीर में इस वक्त मौजूद हैं।

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जम्मू कश्मीर में तैनात सुरक्षाबल (फाइल फोटो)

Photo : PTI

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकी, कोई नॉर्मल आतंकी नहीं थे, बल्कि उन्हें पाकिस्तानी कमांडो की ट्रेनिंग मिली हुई थी। रिपोर्ट है कि अभी भी घाटी में ऐसे 15-20 आतंकी मौजूद हैं।

कैसे हुआ खुलासा

मिली जानकारी के अनुसार पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों को मिलिट्री ट्रेनिंग दी गई थी। यह खुलासा जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से पूछताछ के दौरान हुआ है।

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पहलगाम आतंकी हमले की जगह पर सुरक्षाबल (फाइल फोटो)

कमांडो जैसी ट्रेनिंग

पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) कमांडोज जैसी ट्रेनिंग दी गई थी। 15-20 ऐसे कमांडर कश्मीर घाटी में मौजूद हैं, जो विदेशी आतंकियों के छोटे-छोटे ग्रुप्स को लीड कर रहे हैं।

पहले भी कर चुके हैं आतंकी हमले

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक ISI का मकसद है भारतीय सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाना। तीन बड़े हमलों में SSG कमांडोज की भूमिका इससे पहले पाई जा चुकी है।

  • गगनगीर, गांदरबल — 7 नागरिकों की हत्या
  • बूटा पथरी हमला — आर्मी के काफिले पर हमला, 2 जवान शहीद, 2 पोर्टर की मौत
  • पहलगाम हमला — जांच एजेंसियों को मिले अहम सुराग
Kashmir

कश्मीर में तैनात सुरक्षाबल

सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान

अब जांच एजेंसियों का फोकस SSG ट्रेनिंग पाए इन दुर्दांत कमांडरों पर है, जो कश्मीर घाटी की शांति के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। इन आतंकियों का संपर्क लोकल आतंकियों से भी है, जिससे ये हमले को अंजाम देकर आसानी से छुप जा रहे हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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