Pahalgam Attack Update: पहलगाम हमले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही रोज नए खुलासे हो रहे हैं। एनआईए सूत्रों के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में आतंकी फारुख अहमद का नाम सामने आया है। इसने पहलगाम हमले के लिए ओवरग्राउंड वर्करों का नेटवर्क तैयार किया जिन्होंने हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकियों की मदद की। फारुख लश्कर का टाप कमांडर है और पीओके में छुपा बैठा है।
दो साल में बनाया नेटवर्क
पिछले दो सालों में इसी आतंकी के ओवरग्राउंड वर्कर की मदद से कई आतंकी हमले अंजाम दिए गए। सबसे कायराना पहलगाम आतंकी हमला है। पाकिस्तान के तीन सेक्टरों से ये कश्मीर में घुसपैठ कराता है। इसके पास घाटी के पहाड़ी रास्तों की बहुत अच्छी जानकारी है। कुपवाड़ा के रहनेवाले इस आतंकी का घर कुछ दिनों पहले सुरक्षाबलों ने जमींदोज किया था।
1990 से 2016 तक ये लगातार पाकिस्तान और भारत आता जाता रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद इसके कई साथियों को हिरासत में लिया गया है। पिछले दो सालों से ये सिक्योर्ड ऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठकर अपने नेटवर्क के लोगों से बात करता है।
भारत का रुख बेहद सख्त, सेना को पूरी आजादी
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत का रुख बेहद सख्त है। भारत जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहा है और इसी सिलसिले में कल हुई एक अहम बैठक में पीएम मोदी ने सेना को पूरी आजादी दी है। भारत के तेवर देख पाकिस्तान भी घबरा उठा है और कभी परमाणु बम की धमकी दे रहा है तो कभी निष्पक्ष जांच का राग अलाप रहा है। लेकिन उसने आतंकियों पर कार्रवाई की बात एक बार भी नहीं की है।
सरकार के बड़े फैसले
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं जिनमें अटारी में बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को निलंबित करना, उन्हें अपने देश लौटने के लिए 40 घंटे का समय देना और दोनों पक्षों के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या कम करना शामिल है। भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी स्थगति कर दिया है। इसे लेकर पाकिस्तान ने युद्ध की धमकी भी दी है।
