देश

देश में चुनाव हो बंद, कोई हिटलर करे शासन- ओरेवा समूह के MD के ऐसे हैं विचार, इन्हीं की कंपनी के पास था मोरबी पुल का ठेका

  • Agency by: टाइम्स नाउ डिजिटल
  • Updated Nov 3, 2022, 11:34 PM IST

मोरबी पुल हादसे के लिए ओरेवा कंपनी को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, हालांकि कंपनी ने इससे इनकार किया है। कंपनी के गिरफ्तार मैनेजर ने कहा है कि ये 'एक्ट ऑफ गॉड' था। कंपनी ने अपना काम बखुबी किया था। ओरेवा कंपनी के पास ही इस ब्रिज के रिपेयरिंग का काम था।

Image

मोरबी पुल का ठेका ओरेवा ग्रुप के पास था (फोटो- एपी)

मोरबी हादसे के बाद इसे मरम्मत करने वाली कंपनी ओरेवा सवालों के घेरे में है। कंपनी पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसी बीच कंपनी के एमडी जयसुख पटेल का एक बयान काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो वर्तमान कायदे कानून के खिलाफ बोलते दिख रहे हैं।

दरअसल जयसुख पटेल ने एक किताब लिखी है, जो भारत की समस्या और समाधान पर आधारित है। इसी में वो हिटलर को सपोर्ट करते दिख रहे हैं। उन्होंने इस किताब में लिखा है कि देश में चीन की तरह चुनाव को बंद कर देना चाहिए और किसी हिटलर को शासन करना चाहिए। चीन में चुनाव न होने की वजह से काफी पैसा बचता है और लोग खुद बखुद अनुशासन में रहते हैं। भारत में भी ऐसा ही होना चाहिए।

इस किताब में जयसुख पटेल ने देश की हर समस्या का समाधान का दावा किया है। उन्हें न तो वर्तमान भूमि अधिग्रहण कानून पसंद है और न ही आरक्षण व्यवस्था। वो कहते हैं कि गुलामी हमारे डीएनए में है। सिर्फ तानाशाही ही भ्रष्टाचार से हमें छुटकारा दिला सकती है।

बता दें कि मोरबी पुल हादसे के बाद से यह कंपनी लोगों के निशाने पर है। कंपनी के मालिक को लोग जमकर खरी-खोटी सुना रहा हैं। दरअसल कहानी कुछ ऐसी है कि इसी कंपनी के पास इस पुल को रिपेयर करने का ठेका था। इसी कंपनी के पास इसका संचालन का भी ठेका था। यह कंपनी मुख्य रूप से घड़ी बनाने का काम करती है। सवाल ये है कि एक घड़ी बनाने वाली कंपनी को पुल का ठेका कैसे मिल गया। दावा है कि बिना अनुमति के ही कंपनी ने इस पुल को लोगों के लिए खोल दिया था, जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 134 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही सैकड़ों घायल लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article