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लोकपाल के लिए 7 BMW कार खरीद टेंडर पर मचा घमासान, विपक्ष ने घेरा, कहा- यह संस्था अब बन गई है 'शौक पाल'

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने हैरत जताई कि जब सुप्रीम कोर्ट के जजों को साधारण सेडान कारें दी जाती हैं, तो लोकपाल के अध्यक्ष और छह सदस्यों को बीएमडब्ल्यू कारों की जरूरत क्यों है। चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, इन कारों को खरीदने के लिए जनता का पैसा क्यों खर्च किया जाए?

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7 BMW खरीद टेंडर पर उठा तूफान (PTI)

Opposition slams Lokpal: शीर्ष भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल द्वारा सात शानदार बीएमडब्ल्यू कारों की खरीद के लिए निविदा जारी करने के बाद विपक्ष ने तीखी आलोचना की है। नेताओं ने ईमानदारी के पहरेदारों पर वैधता की बजाय विलासिता को तरजीह देने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने लोकपाल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह संस्था अब "शौक पाल" बन गई है। रमेश ने लोकपाल के जांच-पड़ताल के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए और पूछा कि उसने अब तक कौन सी महत्वपूर्ण गिरफ्तायां या जांचें की हैं।

जयराम बोले, अब लोकपाल की सच्चाई देश की जनता के सामने है

पीटीआई से बात करते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा कि अन्ना हजारे, अरविंद केजरीवाल, इंडिया अगेंस्ट करप्शन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा प्रचार में शामिल होकर मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ एक झूठी कहानी गढ़ी गई थी। उन्होंने आगे कहा कि अब लोकपाल की सच्चाई देश की जनता के सामने है। रमेश ने कहा कि यह पूछा जाना चाहिए कि लोकपाल ने क्या जांच की है और किन लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि लोकपाल अब "शॉक पाल", "शोक पाल" और "शौक पाल" बनकर रह गया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में पूछा- भारतीय करदाताओं के खर्च पर गजब का जोकपाल। वैसे, भारत सरकार के स्वदेशी आह्वान का क्या हुआ?

पी चिदंबरम ने हैरत जताई

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने हैरत जताई कि जब सुप्रीम कोर्ट के जजों को साधारण सेडान कारें दी जाती हैं, तो लोकपाल के अध्यक्ष और छह सदस्यों को बीएमडब्ल्यू कारों की जरूरत क्यों है। चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, इन कारों को खरीदने के लिए जनता का पैसा क्यों खर्च किया जाए? मुझे उम्मीद है कि लोकपाल के कम से कम एक या दो सदस्यों ने इन कारों को लेने से इनकार कर दिया होगा, या करेंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी इस कदम की आलोचना की और लोकपाल पर निशाना साधा। सिंघवी ने X पर एक पोस्ट में कहा- मैंने लोकपाल पर संसदीय समिति की अध्यक्षता की थी। डॉ. एल.एम. सिंघवी ने पहली बार 1960 के दशक की शुरुआत में लोकपाल का विचार रखा था। यह देखना कि यह भ्रष्टाचार-विरोधी संस्था अब अपने सदस्यों के लिए बीएमडब्ल्यू गाड़ियां मँगवा रही है, एक दुखद विडंबना है, क्योंकि ईमानदारी के रक्षक वैधता की बजाय विलासिता के पीछे भाग रहे हैं।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 8703 शिकायतें। केवल 24 जांचें। 6 अभियोजन स्वीकृति। और अब 70 लाख रुपये की एक बीएमडब्ल्यू। अगर यह हमारा भ्रष्टाचार-विरोधी प्रहरी है, तो यह चीते से ज्यादा पूडल है! X पर एक पोस्ट में, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले ने कहा, लोकपाल की विलासिता। भारत के लोकपाल का वार्षिक बजट 44.32 करोड़ रुपये है। अब, लोकपाल सभी सदस्यों के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये में 7 लग्जरी बीएमडब्ल्यू कारें खरीद रहा है। यह पूरे वार्षिक बजट का 10 प्रतिशत है। गोखले ने पूछा, लोकपाल कथित तौर पर एक भ्रष्टाचार विरोधी संस्था है। तो फिर भ्रष्ट लोकपाल की जांच कौन करेगा?

जोकपाल या लोलपाल कहती हूं - प्रियंका चतुर्वेदी

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सात बीएमडब्ल्यू 3 सीरीज एलआई कारों की आपूर्ति के लिए प्रतिष्ठित एजेंसियों से निविदाएं आमंत्रित करने के लिए लोकपाल की कड़ी आलोचना की। भारतीय करदाताओं के खर्च पर गजब का जोकपाल। वैसे, भारत सरकार के स्वदेशी आह्वान का क्या हुआ? उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में पूछा। एक अन्य पोस्ट में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, लोकपाल का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना था, लेकिन यह संस्था स्वयं नैतिक रूप से भ्रष्ट हो गई है। महुआ मोइत्रा की बॉबी ब्राउन लिपस्टिक और हर्मीस स्कार्फ की जांच से लेकर आराम के लिए बीएमडब्ल्यू खरीदने की चाहत तक, इसीलिए मैं इसे जोकपाल या लोलपाल कहती हूं - आप जो चाहें।

सात लग्जरी BMW कारों की खरीद के लिए निविदा

बता दें कि भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल ने सात लग्जरी BMW कारों की खरीद के लिए एक निविदा जारी की है, जिनकी कुल कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। निविदा और निर्माता की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में लगभग 69.5 लाख रुपये प्रति यूनिट की ऑन-रोड कीमत वाली इस लंबी व्हीलबेस सेडान को इस सेगमेंट की सबसे लंबी और सबसे विशाल कार बताया गया है, जिसे बेहद शानदार केबिन में बेहतरीन आराम के लिए डिजाइन किया गया है।

16 अक्टूबर को जारी निविदा में कहा गया है, भारत का लोकपाल, भारत के लोकपाल को सात बीएमडब्ल्यू 3 सीरीज 330Li कारों की आपूर्ति के लिए प्रतिष्ठित एजेंसियों से खुली निविदाएं आमंत्रित करता है। इसमें विशेष रूप से लंबे व्हीलबेस और सफेद रंग की "एम स्पोर्ट" मॉडल की खरीद का जिक्र किया गया है। इस खरीद का उद्देश्य संस्था के हर मौजूदा सदस्य, जिसमें अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ए.एम. खानविलकर और छह अन्य शामिल हैं, उनके लिए एक वाहन उपलब्ध कराना है। लोकपाल के स्वीकृत सदस्यों की संख्या आठ है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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