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विपक्ष मणिपुर पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है- राज्यसभा में बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, चर्चा से भागने का लगाया आरोप

राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर मणिपुर मुद्दे पर “मगरमच्छ के आंसू” बहाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी चिंताएं सिर्फ “ड्रामा” हैं। मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार मणिपुर की बात तो करता है, लेकिन राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर न तो चर्चा में भाग लेता है और न ही जिम्मेदारी निभाता है।

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राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो- संसद टीवी)

सेंट्रल फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। वित्त मंत्री सीतारमण ने विपक्ष पर मणिपुर के लिए ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य के संबंध में उनकी सभी चिंताएं ‘ड्रामा’ है। वित्त मंत्री ने ये टिप्पणी तब की, जब वो मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रही थीं।

विपक्ष पर वित्त मंत्री ने लगाए कई आरोप

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कुछ अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच इस विधेयक पर चर्चा हुई। बाद में विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। सीतारमण ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन होने के कारण जब राज्य के बजट के लिए विधेयक यहां लाया गया तो उस समय भी विपक्ष के सदस्यों ने चर्चा में भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘‘2024 में पूरा साल वे (विपक्षी नेता) मणिपुर के लिए मगरमच्छ के आंसू बहाते रहे...क्या प्रधानमंत्री ने वहां का दौरा किया, क्या गृह मंत्री ने वहां का दौरा किया, क्या वहां की कानून व्यवस्था सामान्य हुई। वे बार-बार मणिपुर से जुड़ा मुद्दा उठाते रहे। उस समय भी उन लोगों ने मणिपुर के लोगों के हितों का ध्यान नहीं रखा... आज भी उन्होंने मणिपुर से जुड़े विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लिया। मणिपुर के संबंध में उनकी सभी चिंताएं, प्रधानमंत्री पर आरोप लगाना, गृह मंत्री पर आरोप लगाना सिर्फ ड्रामा है।’’

किस विधेयक पर हो रही थी चर्चा?

वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष की भूमिका जिम्मेदारी से भरी होती है और जिस राज्य की वह बार-बार बात कर रहा है, उस राज्य से संबंधित बजट या कानून के पारित होने के समय उसे चर्चा में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है। जब मणिपुर से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक आता है तो वे भाग जाते हैं, चर्चा में भाग नहीं लेते। यह बहुत शर्मनाक है। आज भी उन्होंने राज्य में जीएसटी लागू करने के लिए लाए गए विधेयक पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया।’’

मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन)

उन्होंने कहा कि कहा कि यह विधेयक मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) अध्यादेश की जगह लेगा, जिसे सात अक्टूबर, 2025 को लागू किया गया था। सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी कानून में किए गए संशोधन अक्टूबर 2025 में लागू हुए और आधे से अधिक राज्यों ने इन्हें मंजूरी दे दी थी लेकिन मणिपुर में राज्य विधानसभा के निलंबित होने के कारण इसे अध्यादेश के जरिए लागू किया गया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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