Goa News Today: लोकसभा चुनावों से ठीक पहले गोवा में कांग्रेस और आप जैसे विपक्षी दलों ने एकजुट होकर प्रमोद सावंत सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। गोवा AAP प्रमुख अमित पालेकर ने गोवा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सनबर्न आयोजक कह रहे हैं कि गोवा में इस साल ये उनका आखिरी कार्यक्रम था। जबकि, असल में गोवा सरकार ने सनबर्न का हमेशा गलत साथ दिया। इसके बदले में गोवा का सिर्फ नुकसान ही हुआ है। गोवा में अच्छे पर्यटकों को लाने के बजाय, सनबर्न के माध्यम से आने वाले पर्यटकों ने गोवा के लिए बदनामी पैदा की है।
गोवा सरकार पर विपक्ष ने जमकर साधा निशाना
पालेकर ने कहा, 'सनबर्न कार्यक्रम को गोवा सरकार राज्य त्योहार के रूप में प्रचारित करती रही है। फेस्टिवल में जब दर्शक हाथ में शराब की बोतलें लेकर नाच रहे थे, तब वहां भगवान शिव के वीडियो और गाने बजाए गए। इससे हिंदुओं की भावनाएं स्पष्ट रूप से आहत हुई हैं। हमने तब तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया था, हालांकि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि खुद को हिंदुओं का हितेषी बताने वाली राज्य सरकार ने इस मामले में कुछ नहीं किया।'
बीजेपी के 'दोहरे मापदंड' पर उठाया सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गिरीश चोडनकर ने भी सनबर्न फेस्टिवल का जिक्र करते हुए गोवा में बीजेपी के 'दोहरे मापदंड' पर सवाल उठाया। चोडनकर ने कहा, 'मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सनातन धर्म के बारे में काफी बोलते हैं, लेकिन भगवान शंकर की छवि का इस्तेमाल किया गया था। जब लोग नशे में थे और शराब के साथ नाच रहे थे तब एलईडी स्क्रीन पर यह छवि दिखाई गई। गोवा सरकार ऐसे आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही। यह साफ है कि सावंत सिर्फ इसलिए चुप रहे क्योंकि सनबर्न फेस्टिवल उनके नेता और पार्टी के लिए एटीएम है।'
भाजपा के हिंदुत्व पर कांग्रेस ने उठाया सवाल
चोडनकर ने आगे बोला कि 'भाजपा के लिए हिंदुत्व सिर्फ वोट हासिल करने और सत्ता हथियाने का माध्यम है, अन्यथा प्रमोद सावंत सरकार उन आठ दलबदलुओं को पार्टी में शामिल नहीं करती जिन्होंने देवी महालक्ष्मी के सामने शपथ ली थी कि वे दल नहीं बदलेंगे। इससे यह साबित होता है कि सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा को उन लोगों से भी हाथ मिलाने में कोई एतराज नहीं को लोग जो लोग भगवान तक को धोखा देते हैं।'
गौरतलब है कि इससे पहले एक वीडियो के वायरल होने के बाद गोवा सरकार और सनबर्न फेस्टिवल पर भगवान शिव को बदनाम करने के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता विजय भीके ने इस मामले में मापुसा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई ना होने पर गोवा सरकार को विपक्ष की आलोचना का शिकार बनना पड़ा।
