SIR Protest: गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्षी सांसद आरपार के मूड में हैं। संसद के शीतकालीन सत्र का पहले दिन इसी मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गया। आज दूसरे दिन संसद परिसर में विपक्षी पार्टियों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया और सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि, TMC सांसद प्रदर्शन में शामिल नहीं हैं, जबकि इसका सबसे अधिक विरोध प. बंगाल सरकार ही कर रही है। विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर प्रदर्शन और नारेबाजी की। वहीं, लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में एसआईआर को लेकर हंगामा होता रहा। संसद का हर अपडेट जानिए।
लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित
एसआईआर पर बहस की मांग को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध के कारण मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि सरकार ने कहा कि वह बिना कोई समय-सीमा तय किए सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। दिन में दो बार स्थगन के बाद, विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। सदन की अध्यक्षता कर रहे दिलीप सैकिया ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया क्योंकि सरकार नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने सदस्यों को याद दिलाया कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और परिणाम स्पष्ट हैं।
SIR के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा
SIR के मुद्दे पर आज भी सदन के अंदर हंगामे की स्थिति रही। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक और फिर दोबारा 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को विशिष्ट दीर्घा में जॉर्जिया के संसदीय शिष्टमंडल के उपस्थित होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराया तो कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य एसआईआर के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए। हंगामे के बीच ही भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश कुमार गौतम और सौमित्र खान ने क्रमश: उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से संबंधित पूरक प्रश्न पूछे जिनके संबंधित मंत्रियों ने उत्तर भी दिए।
इस दौरान अध्यक्ष बिरला ने आसन के पास नारे लगा रहे विपक्ष के सदस्यों से अपने स्थान पर जाकर बैठने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों के आचरण पर चिंता जताते हुए यह भी कहा, जिस तरह का आपका आचरण मैं संसद के अंदर देख रहा हूं और कई सदस्य सदन के बाहर संसद के लिए जिस भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वह संसद और देश के हित में नहीं है। अगर उनके राजनीतिक दलों की यही परंपरा है तो देश देख रहा है।
बिरला ने शोर-शराबा कर रहे सदस्यों से कहा, संसद के अंदर विरोध और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन मर्यादा और शालीनता बनाए रखें। मैं हमेशा हर मुद्दे पर बात रखने के लिए पर्याप्त समय, पर्याप्त अवसर देता हूं, लेकिन आग्रह है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में, दुनिया को मार्गदर्शन देने वाले लोकतंत्र में संसद की मर्यादा और परंपरा भी उच्चकोटि की होनी चाहिए और आपका आचरण विशेष रूप से संसद की मर्यादा के अनुरूप हो। हालांकि, विपक्ष की नारेबाजी जारी रही और अध्यक्ष ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
SIR पर राज्यसभा में भी विपक्ष का हंगामा
देश भर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे के बाद मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जैसे ही सदन में कागजात रखने का काम समाप्त हुआ, विपक्षी सांसद सदन के बीचोंबीच आकर नारे लगाने लगे और मतदाता सूची संशोधन अभ्यास पर चर्चा की मांग करने लगे। सभापति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा नियम 267 के तहत पांच अलग-अलग विषयों पर 20 नोटिसों को यह कहते हुए खारिज करने के बाद विरोध प्रदर्शन और बढ़ गया कि वे प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति से एसआईआर मुद्दे पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे पी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को आश्वासन दिया कि सरकार चर्चा के लिए उपयुक्त समय तय करने हेतु विपक्षी सदस्यों के साथ परामर्श करेगी। हंगामे के बीच शून्यकाल जारी रहने पर सभापति ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सोनिया-प्रियंका और खरगे भी प्रदर्शन में हुए शामिल
आज के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, द्रमुक नेता टी आर बालू और कई अन्य विपक्षी सांसद शामिल हुए। प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं ने 'एसआईआर वापस लो' के नारे लगाए। विपक्षी सदस्यों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर सोमवार को लोकसभा में हंगामा किया था जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
विपक्षी दलों ने रविवार को सर्वदलीय बैठक और दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समिति की बैठकों में यह मांग उठाई थी कि इस सत्र के दौरान मतदाता सूचियों के एसआईआर समेत व्यापक चुनाव सुधारों पर चर्चा होनी चाहिए। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हुआ और यह 19 दिसंबर को समाप्त होगा।
विपक्ष के विरोध पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, हम लोकतंत्र को बचाने और अन्याय के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे।
किरेन रिजिजू का विपक्ष पर निशाना
वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, विपक्ष को ढूंढ-ढूंढकर कर मुद्दे लाने की आवश्यकता नहीं है...शीतकालीन सत्र में बहुत सारे मुद्दे हैं और कई मुद्दे विपक्ष ने भी उठाए हैं, हम उसपर आगे क्या करना है बातचीत करके विचार करेंगे। नए-नए मुद्दे ढूंढकर संसद में व्यवधान पैदा करने की आवश्यकता नहीं है। हर मुद्दा अपनी जगह पर महत्वपूर्ण है लेकिन मुद्दे को हथियार बनाकर संसद में गतिरोध करना ठीक नहीं है...आज हम विपक्ष के प्रमुख नेताओं से बात करेंगे।
