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Operation Sindoor के क्या बोले आदिल के पिता? पहलगाम हमले को यूं किया याद; सेना और PM के लिए कही ये बात

Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए सैयद आदिल हुसैन शाह के पिता ने ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद भारतीय सेना और पीएम मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि आतंकी ठिकानों पर हमला 'मेरे बेटे की हत्या का बदला' और अन्य 25 लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

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पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले आदिल के पिता

Operation Sindoor: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले सैयद आदिल हुसैन शाह (Syed Adil Hussain Shah) के पिता ने कहा कि पाकिस्तान और 'Pok' में आतंकी शिविरों पर सैन्य कार्रवाई ने उनके बेटे की हत्या का बदला लिया है। पहलगाम के बैसरन में आदिल हुसैन शाह खच्चर पर पर्यटकों को घुमाता था। शाह के परिवार ने जवाबी कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सशस्त्र बलों का आभार व्यक्त किया।

26 लोगों की हत्या का बदला?

शाह के पिता सैयद हैदर शाह ने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूं कि सेना और पीएम मोदी ने 26 लोगों की हत्या का बदला लिया है। मुझे खुशी है कि उनकी (हमले में मारे गये लोगों की) आत्मा को आज शांति मिलेगी। शाह के भाई सैयद नौशाद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके और अन्य 25 परिवारों को न्याय दिलाया है। नौशाद ने कहा कि अब, मेरे भाई और 25 अन्य निर्दोष लोगों की आत्मा को शांति मिलेगी। जब मुझे आज सुबह पता चला कि पीएम मोदी ने हत्याओं का बदला लिया है, तो मुझे खुशी हुई। हमें अब न्याय मिला है और हम बहुत खुश हैं।

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शाह और 25 अन्य पर्यटक मारे गए थे। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम शहर में बर्बर हमले के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य हमले किए गए।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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