Sudan : सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने सोमवार को ऑपरेशन कावेरी की शुरुआत कर दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बचाव अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के तहत करीब 500 भारतीय नागरिक सूडान के पोर्ट पर पहुंचे हैं जबकि अभी कुछ नागरिक रास्ते में हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सूडान में फंसे प्रत्येक भारतीय की मदद करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
सूडान के अलग-अलग हिस्सों में हैं भारतीय
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि हिंसाग्रस्त देश सूडान से भारतीयों को सुरक्षित निकालकर लाने के लिए आपात योजना तैयार कर ली गई है लेकिन कोई भी फैसला जमीनी हालात एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाएगी। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अफ्रीका के तीसरे सबसे बड़े देश में फंसे करीब 3000 भारतीयों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दे रही है। ये भारतीय नागरिक सूडान के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं।
कई विकल्पों को अपना रही भारत सरकार
एमईए ने रविवार को अपने एक बयान में कहा, 'तैयारियों के हिस्से के रूप में और नागरिकों को जल्द वहां से निकालने के लिए भारत सरकार कई विकल्पों को अपना रही है।' बयान में कहा गया कि वायु सेना के दो बड़े परिवहन विमान जी-130 जे इस समय जेद्दा में मौजूद हैं जबकि नौसेना का युद्धपोत INS सुमेधा सूडान पोर्ट पहुंच गया है।
अब तक की हिंसा में 400 लोगों की मौत
सूडान में सत्ता के वर्चस्व को लेकर सेना प्रमुख और पैरामिलिट्री के मुखिया के बीच जंग बीते 10 दिनों से जंग हो रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को कमजोर करने और नुकसान पहुंचाने के लिए भवनों एवं इमारतों को निशाना बना रहा है। इस हिंसक कार्रवाई में बेकसूर लोगों की भी जान गई है। रिपोर्टों की मानें तो अब तक की हिंसा में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सड़कों पर अराजकता का आलम है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, सऊदी अरब सहित कई देश सूडान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए बचाव अभियान चला रहे हैं।
