West Asia Conflict: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका-इजरायल के साथ खड़े होने का आरोप लगाया। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ट्रेड रूट में रुकावट की वजह से देश में एलपीजी की कथित कमी के बीच ओवैसी ने तेल और गैस के लिए आयात पर निर्भरता को लेकर केंद्र की आलोचना की।
'ईरान के बाद तुर्किये का नंबर'
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने पश्चिम एशियाई संघर्ष को लेकर पीएम मोदी से न्यूट्रल रहने की अपील की। ओवैसी ने पीएम मोदी के दो दिवसीय इजरायली दौरे पर (25-26 फरवरी) सवाल खड़े करते हुए कहा, ''ट्रंप और नेतन्याहू, ईरान को गाज़ा की तरह तबाह करना चाहते हैं। अगर कोई सोचता है कि यह तबाही यह रुक जाएगी तो उसे पता होना चाहिए कि अगला नंबर तुर्किये का होगा और फिर पूरे अरब देश...। अल्लाह इस युद्ध को खत्म करें।''
PM मोदी पर जमकर बरसे ओवैसी
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री के दोस्त नेतन्याहू ने उन्हें बुलाया, वे वहां गए। क्यों? उन्होंने बाद में कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि हमला होगा। इसके लिए रॉकेट साइंटिस्ट होने की जरूरत नहीं है। आप जानते थे कि हमला होगा और आपके लौटते ही हमला शुरू हो गया।''
LPG की कमी पर भी खूब बोले ओवैसी
ओवैसी ने आगे एलपीजी की कमी का उल्लेख करते हुए कहा, ''अब एलपीजी की कमी है। हम खुद को आत्मनिर्भर भारत कहते हैं, लेकिन 60 फीसदी गैस आयात करते हैं। तेल और गैस होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आती हैं, लेकिन सरकार कहती है कि कोई कमी नहीं है। मैं शुरू से कह रहा था कि हम न तो ईरान के साथ और न ही अरब देशों के साथ हैं, बल्कि हम सबके साथ हैं। हमने फिलिस्तीनियों के मुद्दे को अपना मुद्दा माना। PM मोदी ने क्या किया? उन्होंने खुद को ट्रंप और नेतन्याहू के खेमे में खड़ा कर लिया। अगर आप न्यूट्रल होते तो शायद आपकी बातों का वजन होता।''
ओवैसी ने केंद्र सरकार से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की खुलकर निंदा करने की अपील की। उन्होंने कहा, ''खुलकर कहिए कि यह युद्ध गलत है। अगर आपको ईरान, कतर, सऊदी अरब, बहरीन या कुवैत से कोई लगाव नहीं है, तो कम से कम उन भारतीयों के लिए बोलिए जो दुबई, अबु धाबी, शारजाह, दोहा, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब में काम करते हैं। देश की लगभग 50 फीसदी विदेशी मुद्रा वही कमाते हैं। अगर वहां की अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, तो हमारे लोग वापस लौटेंगे। उनके बारे में सोचिए, लेकिन आप ट्रंप और नेतन्याहू के करीब रहना चाहते हैं।''
'हमारे पास सिर्फ 9.5 दिन का रिजर्व'
ओवैसी ने देश में ईंधन और गैस की कथित कमी को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, ''जब स्कूली बच्चों की मौत हुई, तब आपने नहीं सोचा, लेकिन अब जब गैस की कमी है, तो आप कह रहे हैं कि गैस की सप्लाई होनी चाहिए और युद्ध खत्म होना चाहिए... आप बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन हमारे पास सिर्फ 9.5 दिन का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve) है। अगर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को भी मिला लिया जाए तो यह 74 दिन का है। इस पर बात कीजिए, लेकिन आप नहीं करेंगे। आप फिल्म देखने जाएंगे और वहां दर्शकों से मुसलमानों से खरीदारी न करने की शपथ दिलाई जाएगी। फिर आप तेल और गैस क्यों खरीदते हैं?''
