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सुप्रीम कोर्ट से कॉमेडियन समय रैना समेत 5 को बड़ी राहत, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ मामले में सभी FIR रद्द

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिव्यांगजनों पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina), विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट से कॉमेडियन समय रैना को बड़ी राहत (फाइल फोटो- PTI)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में दिव्यांगजनों को लेकर कथित आपत्तिजनक और असंवेदनशील टिप्पणी से जुड़े मामले में समय रैना (Samay Raina) समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR और उनसे जुड़ी कार्यवाही रद्द कर दी है। जिन लोगों के खिलाफ FIR और कार्यवाही रद्द की गई है, उनमें समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर शामिल हैं।

दिव्यांगजनों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की बात

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि समय रैना समेत बाकी आरोपियों ने 14 से 16 मार्च 2026 तक विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए शतरंज टूर्नामेंट आयोजित किया। इस कार्यक्रम को व्यापक मीडिया कवरेज मिला और दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाले संगठनों के बारे में जागरूकता भी फैली। कार्यक्रम के दौरान ऐसे संगठनों के लिए बड़ी राशि का दान भी दिया गया।

कोर्ट ने कहा कि फंड जुटाने के लिए चार और शो आयोजित किए जाने थे, लेकिन लॉजिस्टिक कारणों से उनमें दिव्यांग लोगों को आमंत्रित करने की व्यवस्था नहीं हो सकी। रैना और बाकी कॉमेडियन ने SMA से पीड़ित लोगों को भी ऐसे कार्यक्रमों में आमंत्रित करने और उन्हें वित्तीय सहायता देने की इच्छा जताई है।

SMA को लेकर NGO के साथ बातचीत

कोर्ट ने कहा कि हमारे आदेश के अनुपालन के दौरान सबसे महत्वपूर्ण और सराहनीय बात यह रही कि प्रतिवादियों और SMA के प्रति जागरूकता फैलाने वाले NGO के बीच रचनात्मक बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने SMA वॉरियर्स के जीवन और उनकी गरिमा को सामने लाने वाले कार्यक्रमों के स्वरूप और सामग्री पर चर्चा की। कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपी कॉमेडियन ने कार्यक्रम तैयार करने में NGO से मिले मार्गदर्शन के लिए आभार जताया है। वे प्रस्तावित कार्यक्रम में SMA वॉरियर्स की भागीदारी और उनकी सहमति लेने की प्रक्रिया में भी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई कि प्रतिवादी SMA वॉरियर्स और अन्य लोगों के जीवन का सम्मान बढ़ाने और उनकी गरिमा को सामने लाने वाले कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। याचिकाकर्ता NGO की ओर से सुझाए गए अन्य कार्यक्रम भी जल्द आयोजित किए जाएंगे और उनके लिए NGO से मार्गदर्शन लिया जाएगा।

CJI बोले- विशेष जरूरत वाले लोगों से बातचीत ‘आंखें खोलने वाली’

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि कोर्ट ने एक दिन पहले कुछ विशेष जरूरत वाले लोगों से बातचीत की थी। उनके साथ लंबी बातचीत हुई, जो कोर्ट के लिए भी सीखने और आंखें खोलने वाला अनुभव रहा। CJI ने कहा, “कई बार हमें लगता है कि हमें काफी जानकारी है, लेकिन यह सच नहीं है। उनसे मिलने और उनकी चुनौतियों को समझने पर कई ऐसी बातें सामने आती हैं, जिन्हें हम नहीं जानते।”

CJI ने कहा कि कोर्ट ने उनसे सुझाव भेजने का अनुरोध किया है और इस हिस्से को लेकर याचिका को खुला रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि NGO की ओर से भी कई सिफारिशें दी जानी हैं और कोर्ट उनका इंतजार करेगा, जिसके बाद व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

NGO को दी गई राशि का इस्तेमाल करने की अनुमति

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता NGO ने प्रतिवादियों की ओर से रजिस्ट्री के नाम दिए गए डिमांड ड्राफ्ट की राशि को अपने किसी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने पर सहमति जताई है। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के पास मौजूद राशि भी याचिकाकर्ता NGO को भेजी जा सकती है।

सभी FIR और संबंधित कार्यवाही रद्द

अंत में सुप्रीम कोर्ट ने रैना समेत सभी 5 कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया और उनसे जुड़ी सभी अन्य कार्यवाहियों को भी समाप्त कर दिया।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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