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NCP Spilt : राकांपा में फूट पर सुप्रिया सुले बोलें-अजित पवार मेरे बड़े भाई, मैं उनसे लड़ नहीं सकती

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jul 3, 2023, 06:40 AM IST

NCP Split : अजित की चचेरी बहन सुले ने कहा कि राकांपा के मौजूदा घटनाक्रमों का विपक्षी दलों की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुले ने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद उनके पिता और राकांपा प्रमुख शरद पवार का कद और बढ़ेगा।

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शरद पवार की बेटी और अजित पवार की चचेरी बहन हैं सुप्रिया सुले।

Photo : PTI

NCP Split : एकनाथ शिंदे की सरकार में अजित पवार के शामिल होने पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने रविवार को कहा कि 'जो कुछ हुआ है, वह पीड़ादायक है लेकिन अजित पवार के साथ उनके रिश्ते में कोई बदलाव नहीं आएगा।' उन्होंने कहा कि 'अजित पवार के साथ मेरा रिश्ता नहीं बदलेगा, वह हमेशा ही मेरे बड़े भाई बने रहेंगे।' सुप्रिया ने कहा, 'जो कुछ हुआ है वह पीड़ादायक है। शरद पवार सभी के साथ परिवार जैसा बर्ताव करते हैं। वह हमारे वरिष्ठ नेता हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके बयान के बाद मुझे कुछ बोलना उचित है।'

विपक्षी दलों की एकता पर असर नहीं पड़ेगा

अजित की चचेरी बहन सुले ने कहा कि राकांपा के मौजूदा घटनाक्रमों का विपक्षी दलों की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुले ने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद उनके पिता और राकांपा प्रमुख शरद पवार का कद और बढ़ेगा। उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी की विश्वसनीयता में भी और इजाफा होगा।’ सुले ने यह भी कहा कि अजित पवार के भिन्न विचार हो सकते हैं, लेकिन वह अपने बड़े भाई से कभी नहीं लड़ सकतीं और हमेशा एक बहन की तरह उनसे प्रेम करेंगी।

रविवार को शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम बने अजित

बता दें कि अजित रविवार को शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हुए, जबकि पार्टी के आठ अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। सुले ने कहा कि 2019 में जब अजित पवार पहली बार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली अल्पकालिक सरकार का हिस्सा बने थे, तब से अब तक वह पार्टी की जिम्मेदारियों को लेकर काफी परिपक्व हो गई हैं।

मैं अपने भाई से कभी लड़ नहीं सकती

बताया जा रहा है कि पिछले महीने सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना अजित पवार के विद्रोह का कारण बना। सुले ने कहा कि वह व्यक्तिगत और पेशेवर संबंधों को आपस में नहीं मिलाएंगी। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने भाई के साथ कभी नहीं लड़ सकती।’

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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