महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में रविवार को बड़ा उलट फेर हुआ। एनसीपी (NCP) के वो सभी नेता जो कभी शरद पवार (Sharad Pawar) के खास थे, उन्होंने अचानक से पाला बदला और एनडीए में शामिल हो गए, अजीत पवार डिप्टी सीएम तो 8 अन्य मंत्री बन गए। इस बगावत के बाद शरद पवार सामने आए और उन्होंने कहा कि यह गुगली नहीं डकैती है। पार्टी लाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या साहेब को सब पता था?
एनसीपी में टूट के बाद सवाल ये उठ रहा है कि राजनीति के इतने माहिर खिलाड़ी शरद पवार को इस बगावत की क्या सच में भनक नहीं थी? कहीं शरद पवार का सारी चीजों की जानकारी तो नहीं थी, क्योंकि रविवार को हुए बागियों की एक मीटिंग में शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले मौजूद थीं। हालांकि वो कुछ देर बाद इस मीटिंग से चली गईं थीं।
क्यों उठ रहे हैं सवाल
इस बगावत में वो प्रफुल्ल पटेल भी साथ थे, जिनकी अजित पवार से अनबन थी और वो शरद पवार के खास बने हुए थे। हाल ही में शरद पवार ने सुप्रिया सुले के साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल का कद बढ़ाया था, जिससे अजित नाराज भी बताए जा रहे थे। साथ ही वो छगन भुजबल भी बागियों के साथ थे, जो शरद पवार के खास थे। मतलब भतीजा तो गया ही साथ ही वो नेता भी गए जिनपर शरद पवार को सबसे ज्यादा भरोसा था।
बागियों का पार्टी पर दावा
अजित पवार समेत सभी बागियों ने एक सुर में दावा किया है कि वो एनसीपी से अलग नहीं हुए हैं, पार्टी उन्हीं के पास है और एनसीपी ने ही सरकार को समर्थन दिया है। शरद पवार उनके वरिष्ठ नेता है, उनके बयानों पर वो टिप्पणी नहीं करेंगे।
