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अब उमर अब्दुल्ला ने भी कर दी नए संसद भवन की तारीफ, ट्वीट से कांग्रेस को लगेगी मिर्ची

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 26, 2023, 06:47 PM IST

Parliament New Building: नए संसद भवन के उद्धाटन को लेकर छिड़े संग्राम के बीच उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके कहा है, कुछ समय के लिए उद्घाटन के होहल्ले को अलग कर दें, तो यह भवन एक स्वागत योग्य कदम है।

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उमर अब्दुल्ला ने की नए संसद भवन की तारीफ

Photo : BCCL

Parliament New Building: नए संसद भवन के उद्धाटन को लेकर छिड़े संग्राम के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने नए संसद भवन की जमकर तारीफ की है। उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि नया संसद भवन एक स्वागत योग्य कदम है। उमर अब्दुल्ला का यह ट्वीट तब आया है, जब कांग्रेस समेत करीब 21 विपक्षी दलों ने संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार कर दिया है और एक बार फिर से यह मामला विपक्ष बनाम भाजपा बन गया है।

बता दें, देश के नए संसद भवन का 28 मई (रविवार) को उद्घाटन होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। इसी को लेकर विवाद है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि संसद का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी करना चाहिए। विपक्षी दलों ने संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करने का भी फैसला किया है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की गई थी, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया।

उमर अब्दुल्ला ने जमकर की तारीफ

नए संसद भवन का आज एक वीडियो भी जारी किया गया है। इसमें भवन के अंदर के दृश्य दिखाए गए हैं। इसी वीडियो को उमर अब्दुल्ला ने रीट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है, कुछ समय के लिए उद्घाटन के होहल्ले को अलग कर दें, तो यह भवन एक स्वागत योग्य कदम है। पुराने संसद भवन ने देश की अच्छी सेवा की है, लेकिन कुछ वर्षों से वहां काम करने वाले व्यक्ति के रूप में, हममें से बहुत से लोग नए और बेहतर संसद भवन की आवश्यकता के बारे में बात करते थे। देर आए दुरुस्त आए, अब इतना ही कहूंगा कि यह भवन कमाल का लग रहा है।

21 दलों ने किया है बहिष्कार

नए संसद भवन के उद्घाटन का करीब 21 दलों ने विरोध किया है। इसमें कांग्रेस, आप, समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम, जदयू, शिवसेना(उद्धव गुट), टीएमसी समेत कई पार्टियां शामिल हैं। वहीं करीब 25 दलों ने इस उद्घाटन समारोह में शामिल होने का ऐलान किया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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