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Nuh violence: बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या मामले में AAP नेता पर FIR, पुलिस ने अब तक 216 लोगों को किया गिरफ्तार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 6, 2023, 09:08 AM IST

Nuh violence: एफआईआर बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ता पवन कुमार ने दर्ज कराई है। उनका दावा है कि घटना के समय वह मौके पर ही मौजूद थे। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में उन्होंने कहा कि जावेद ने भीड़ के साथ एक वाहन को रोका और उन्हें प्रदीप पर हमला करने के लिए कहा।

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नूंह हिंसा

Photo : ANI

Nuh violence: हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा में बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदीप कुमार की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के आरोप में आम आदमी पार्टी के नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक अहमद जावेद पर आरोप है कि 31 जुलाई को सोहना के निरंकारी चौक पर उन्होंने बजरंग दल नेता प्रदीप कुमार की हत्या के लिए भीड़ को उकसाया था।

आप नेता के खिलाफ यह एफआईआर बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ता पवन कुमार ने दर्ज कराई है। उनका दावा है कि घटना के समय वह मौके पर ही मौजूद थे। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में उन्होंने कहा कि जावेद ने भीड़ के साथ एक वाहन को रोका और उन्हें प्रदीप पर हमला करने के लिए कहा। एफआईआर के मुताबिक, नलहर मंदिर से पुलिस द्वारा बचाए जाने के बाद प्रदीप घर जा रहा था। पुलिस की एक गाड़ी कुछ दूरी तक उनके साथ रही, लेकिन पुलिस ने यह दावा करते हुए दूसरा रास्ता अपना लिया कि आगे रास्ता साफ है।

स्कॉर्पियो सवाल लोगों ने किया था प्रदीप का पीछा

एफआईआर में कहा गया है कि पुलिस के जाने के बाद एक स्कॉर्पियो कार प्रदीप कुमार की गाड़ी का पीछा करने लगी। स्कॉर्पियों ने बजरंग दल नेता की गाड़ी को ओवरटेक कर रोका। पवन ने बताया कि स्कॉर्पियों गाड़ी में आप नेता जावेद अहमद बैठा हुआ था, उन्होंने अपने साथ के लोगों से प्रदीप को मारने के लिए कहा।

जावेद ने आरोपों को झूठा बताया

इस बीच, आम आदमी पार्टी के नेता जावेद ने आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। उन्होंने कहा, मैं भीड़ को सझमाने का प्रयास कर रहा था। उन्होंने बताया कि वह शाम 6 बजे वहां से चले गए और अगले दिन सुबह 7 बजे वापस आए जबकि घटना रात 10:30 बजे हुई। वहीं पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।

अब तक 216 लोगों की हुई गिरफ्तारी

नूंह हिंसा मामले में अब तक हरियाणा पुलिस ने 216 लोगों को गिरफ्तार किया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने शनिवार को बताया कि नूंह जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में 216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 104 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा 80 को हिरासत में लिया गया है। बता दें, हिंसा के दौरान दो होमगार्ड, एक मौलवी समेत छह लोगों की हत्या कर दी गई थी।

8 अगस्त तक नूंह में इंटरनेट बैन

हरियाणा के नूंह में इंटरनेट पर पाबंदी को 8 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, बल्क एसएमएस और सभी डोंगल सेवाओं आदि का निलंबन 8 अगस्त 2023 तक बढ़ा दिया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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