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आगे-आगे बिट्टू, पीछे-पीछे पुलिस...लुंगी में भागा नूंह हिंसा का मास्टरमाइंड; देखें बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी का Video

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 16, 2023, 07:53 AM IST

Bittu Bajrangi Arrest: बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी के लिए सादी वर्दी में हथियारों से लैस पुलिस वाले तीन गाड़ियों के काफिले के साथ उसके घर पहुंचे थे। जैसे ही बिट्टू ने पुलिसवालों को देखा वह भाग खड़ा हुआ। इसके बाद पुलिसवाले भी उसके पीछे भागे। आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच ही लिया।

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बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी का वीडियो आया सामने

Photo : Twitter

Bittu Bajrangi Arrest: हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड बिट्टू बजरंगी को मंगलवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए बिट्टू बजरंगी ने हिंसा की साजिश रची थी। फरीदाबाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है और अब एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो बिट्टू की गिरफ्तारी से पहले का है, जिसमें वह भागते हुए दिखाई दे रहा है।

दरअसल, बिट्टू बजरंगी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को काफी भागदौड़ और मशक्कत करनी पड़ी। सामने आए CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि सादी वर्दी में CIA की टीम जब बिट्टू के घर पहुंची तो वह भाग खड़ा हुआ। इसके बाद हथियारों से लैस पुलिस वाले भी उसके पीछे भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।

<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">VIDEO | Bittu Bajrangi, a Bajrang Dal member, has been arrested in connection with violence in Haryana's Nuh. <br><br>(Source: Third Party) <a href="https://t.co/SC04SydgiY">pic.twitter.com/SC04SydgiY</a></p>— Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/1691448785506066433?ref_src=twsrc%5Etfw">August 15, 2023</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

सादी वर्दी और तीन गाड़ियों में पहुंचे पुलिस वाले

बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी के लिए सादी वर्दी में हथियारों से लैस पुलिस वाले तीन गाड़ियों के काफिले के साथ उसके घर पहुंचे थे। जैसे ही बिट्टू ने पुलिसवालों को देखा वह भाग खड़ा हुआ। इसके बाद पुलिसवाले भी उसके पीछे भागे। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि जिस गली में यह पूरा ड्रामा हुआ, वहां अफरा-तफरी मच गई। आखिरकार पुलिस ने बिट्टू को दबोच ही लिया।

लुंगी में ही भागा बिट्टू

जिस समय पुलिस ने बिट्टू के घर पर धावा बोला, वह लुंगी में था। पुलिस वालों को देखकर वह ऐसे ही भाग खड़ा हुआ। हालांकि, भारी-भरकम शरीर वाला बिट्टू ज्यादा दूर तक नहीं दौड़ सका। बता दें, नूंह में शोभायात्रा से पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में बिट्टू बजरंगी यात्रा का विरोध करने वालों को खुला चैलेंज देता सुना गया था। इस दौरान उसने अपशब्द भी बोले थे। कहा जा रहा है कि बिट्टू की गलत बयानबाजी के कारण ही नूंह और मेवात में हिंसा भड़की थी।

एएसपी उषा कुंडू ने दर्ज कराई थी शिकायत

बिट्टू बजरंगी के खिलाफ नूंह के एसएसपी ऊपा कुंडू ने शिकायत दर्ज कराई थी। जानकारी के मुताबिक, बिट्टू बजरंगी व उसके 15 से 20 साथियों ने नूंह में महिला पुलिस अधिकारी के सामने तलवार व अन्य हथियार लेकर प्रदर्शन व नारेबाजी की थी। आरोप है कि उसने सरकारी काम में भी बाधा पहुंचाई थी। बिट्टू की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को उसके अन्य साथियों की तलाश है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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