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'NTA में सुधार की और जरूरत है, मामले की तह तक जाएंगे', नीट पेपर लीक मामले में बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से होगी। परीक्षा रद्द कर मेधावी छात्रों के पक्ष में निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि NTA एक करोड़ बच्चों का परिक्षा आयोजित करता है। NTA और मजबूत हो इस पर हम काम करेंगे। हम बच्चों की फीस वापस करेंगे

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान।

Dharmendra Pradhan : नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा। पेपर लीक के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे सजा मिलेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 21 जून को नीट परीक्षा फिर से आयोजित होगी। 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए सरकार छात्रों से कोई फीस नहीं लेगी। इसके अलावा पेपर लीक वाली फीस छात्रों को वापस की जाएगी। राधाकृष्णन समिति ने जो सिफारिश की थी, उसे पूरी तरह से लागू किया गया था। फिर भी चूक कैसे हुई इसकी जांच की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एनटीए में भी सुधार किया जाएगा।

'परीक्षा माफियाओं से हमारी लडाई है'

दिल्ली में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि NEET (UG) 2026 की पुनः परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। छात्रों का भविष्य हमारी प्राथमिकता है। आपत्ति आते ही हमने जांच कर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। किसी सही छात्र के अधिकार को हानि नहीं पहुंचे इसे देखते हुए हमने परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा माफियाओं से हमारी लडाई है। इस मामले में विपक्ष छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। CBI ने जांच शुरू कर दी है और जो भी दोषी है उसे छोड़ा नहीं जाएगा। जांच एजेंसी इस मामले के तह तक जाएगी।

हमने मेधावी छात्रों के पक्ष में निर्णय लिया-प्रधान

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से होगी। परीक्षा रद्द कर मेधावी छात्रों के पक्ष में निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि NTA एक करोड़ बच्चों का परिक्षा आयोजित करता है। NTA और मजबूत हो इस पर हम काम करेंगे। हम बच्चों की फीस वापस करेंगे और आने वाली परीक्षा की कोई फीस नहीं ली जाएगी। प्रधान ने कहा कि अगले साल से नीट परीक्षा ऑनलाइन होगी। ओएमआर शीट की व्यवस्था खत्म की जाएगी। 1 सप्ताह तक विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर चुनने का विकल्प देंगे।

'दो अलग-अलग राय सामने आई'

उन्होंने यह भी कहा, 'हम नहीं चाहते थे कि फर्जी उम्मीदवारों की साजिशों या शिक्षा माफिया के षड्यंत्रों के कारण किसी भी योग्य छात्र को उसके अधिकारों से वंचित किया जाए... इस निर्णय पर देश भर में, विशेष रूप से छात्र समुदाय के बीच, दो अलग-अलग राय सामने आई। हम इन दोनों दृष्टिकोणों को स्वीकार करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। हम इस स्थिति का समाधान ढूंढना अपना दायित्व समझते हैं..."

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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