Madhya Pradesh Elections 2023: दक्षिण भारत के कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस न सिर्फ उत्साहित है बल्कि फुल-ऑन एक्शन में भी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अब उसके निगाह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित मध्य प्रदेश पर है, जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार है।
म.प्र कांग्रेस चीफ कमलनाथ ने सीएम शिवराज सिंह चौहान पर जुबानी निशाना साधा है। सोमवार (15 मई, 2023) को उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ वह "शिलान्यास मंत्री" भी हैं, जो कि अपनी जेब में नारियल रखकर चलते हैं।
उधर, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने एक रोज पहले यानी रविवार (14 मई, 2023) को कहा था कि भाजपा को मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में हाल ही कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव की तरह सबक सिखाना जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘आप सब लोगों के माध्यम से मैं देश के लोगों से कहना चाहता हूं कि अब बदलाव का समय आ गया है। इस पर विचार करें। कर्नाटक में जिस दृढ़ता से भाजपा को हराया गया है, उसे उसी प्रकार से मध्यप्रदेश में सबक सिखाना आवश्यक है। वे (भाजपा) घोड़े पर चढ़ गये हैं। उन्हें घोड़े से उतारने की आवश्यकता है। उन्हें (भाजपा को) सत्ता से हटाना आवश्यक है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के मुख्यमंत्री का चेहरा बन सकते हैं, तो इस पर दिग्विजय ने दोहराया कि कांग्रेस का प्रदेश में मुख्यमंत्री का एक ही चेहरा है और वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ हैं।
दरअसल, दक्षिण भारतीय सूबे कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल करते हुए 135 सीट जीतीं, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा नीत जनता दल (सेक्युलर) ने क्रमश: 66 और 19 सीट जीतीं हैं।
वहीं, सात दिसबंर 1993 से सात दिसंबर 2003 तक प्रदेश में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में 10 साल तक कांग्रेस की सरकार थी और उसके बाद आठ दिसंबर 2003 से अब तक केवल 15 महीनों को छोड़कर भाजपा का शासन है। (PTI-Bhasha इनपुट्स के साथ)
