Rajnath Singh Shillong Visit: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने शनिवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में देश की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। ईस्टर्न एयर कमांड (पूर्वी वायु कमान) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ किया कि पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) का इलाका भारत के लिए सिर्फ एक भौगोलिक सीमा नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा, समृद्धि और रणनीतिक ताकत का एक बेहद मजबूत और जरूरी स्तंभ है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में पूर्वोत्तर (Act East Policy) की भूमिका सबसे अहम है। आज की बदलती और अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में भारत का वैश्विक कद लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पूर्वी कमान के पास देश की सुरक्षा की जो जिम्मेदारी है, उसमें किसी भी तरह की ढील या संदेह की गुंजाइश नहीं है। राजनाथ सिंह ने बदलते दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सैनिकों से कहा कि अब युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल चुका है।
नई तकनीकों को अपनाने का समय-राजनाथ सिंह
आज हमारे सामने हाइब्रिड खतरे, साइबर चुनौतियां, सूचना युद्ध (इंफॉर्मेशन वारफेयर), ड्रोन का इस्तेमाल और सप्लाई चेन जैसी नई मुश्किलें हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमारी सेना को अब केवल पारंपरिक तैयारियों के भरोसे नहीं रहना होगा। इसके बजाय हमें नई तकनीकों को अपनाने, दूरगामी सोच रखने और नए विचारों को लागू करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का विशेष रूप से जिक्र किया और इसे आत्मनिर्भर भारत का बेहतरीन उदाहरण बताया।
रक्षा मंत्री का कड़ा संदेश
रक्षा मंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए हमारे जवानों ने आतंकवादियों और उनके आकाओं को साफ समझा दिया है कि भारत किसी भी कीमत पर अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के साथ समझौता नहीं करेगा। सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारी बेटियां एक नई ऊर्जा के साथ सेना में बड़ी और अग्रणी भूमिकाएं निभा रही हैं, जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
