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Weather Updates: कहीं बारिश तो कहीं गिर रहे ओले, मौसम ने क्यों लिया यू-टर्न, कब तक चलेगा ये दौर?

IMD Weather Update: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश, गरज और ओलावृष्टि का दौर जारी है। जानिए अपडेय---

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मौसम ने क्यों बदला रुख?

Photo : PTI

North India Weather Update: उत्तर भारत में मौसम लगातार करवटें ले रहा है। कहीं बारिश (Rain Updates) हो रही है, तो कहीं ओले गिर रहे हैं। अप्रैल में इस तरह का मौसम हर किसी को हैरत में डाल रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश, गरज और ओलावृष्टि हो रही है। खराब मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। आखिर मौसम में अचानक बदलाव क्यों दिख रहा है और कब चलेगा ये दौर, जानते हैं।

दिल्ली में रुक-रुक कर हुई बारिश

सोमवार देर रात से दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए राष्ट्रीय राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश जारी रहने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, पिछले 48 घंटों में मजबूत होने के बाद, यह विक्षोभ और भी तीव्र हो गया है। राजस्थान में सोमवार शाम को छिटपुट गरज और तेज हवाएं चलीं, लेकिन आज यह विक्षोभ अपने चरम पर होगा।

IMD ने दी सतर्क रहने की सलाह

मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूरे उत्तर भारत (North Weather Update) में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 30-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, पश्चिमी राजस्थान में 70 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, और पंजाब, हरियाणा और पूर्वी राजस्थान में 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से गरज के साथ बारिश होगी। उत्तर भारत में तूफान के आने के कारण निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा, अगले दो दिनों तक दिल्ली में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव से अप्रैल की शुरुआत की गर्मी और खराब वायु गुणवत्ता से राहत मिली है। आने वाले दिनों में हवाएं चलती रहेंगी, जिससे वायु गुणवत्ता ठीक रहने की उम्मीद है।

अप्रैल में बारिश क्यों?

अप्रैल में बारिश क्यों?

पश्चिमी विक्षोभ क्या है और यह इतना सक्रिय क्यों?

दरअसल, मौसम में ये बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से है। पश्चिमी विक्षोभ एक उपोष्णकटिबंधीय निम्न दबाव प्रणाली है, जिसका अर्थ है कि यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के बाहर, आमतौर पर भूमध्य सागर के ऊपर बनती है और नमी लेकर पूर्व की ओर बढ़ती है। ये प्रणालियां उत्तर भारत में शीतकालीन बारिश लाती हैं। अप्रैल में आने वाले इस विक्षोभ को जो बात विशेष रूप से ताकतवर बनाती है, वह है इसे ऊर्जा देने वाला कारक। अरब सागर से आने वाली नमी ने राजस्थान के ऊपर एक द्वितीयक परिसंचरण (secondary circulation) को सक्रिय कर दिया है, जिससे बादलों का आवरण घना हो गया है और मुख्य प्रणाली की तीव्रता इस समय के लिए सामान्य से कहीं अधिक बढ़ गई है।

आज और कल मौसम कैसा रहेगा?

आज दो चरम दिनों में से पहला दिन है। माउंट आबू, फतेहपुर, जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां भीषण आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड और राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी भारत में, कोलकाता और दक्षिण बंगाल काल बैशाखी, या उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लिए तैयार हैं। ये भयंकर तूफानी आंधी हैं जो तब बनती हैं जब पश्चिमी विक्षोभ से आने वाली ठंडी, शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवा बंगाल की खाड़ी से आने वाली गर्म, नम हवा से टकराती है।

IMD का मौसम अपडेट

IMD का मौसम अपडेट

तापमान में कितनी तेजी से गिरावट आएगी?

आज और कल उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान आने की संभावना है। आईएमडी के दिल्ली पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जो सामान्य से काफी कम है। पंजाब और चंडीगढ़ में दिन का अधिकतम तापमान 18 से 23 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जो सामान्य से 8 से 15 डिग्री सेल्सियस अधिक है। आज अप्रैल का मौसम कुछ समय के लिए फरवरी जैसा लग रहा है।

किसानों पर क्या असर पड़ेगा?

फसलों के नुकसान का मुख्य कारण ओलावृष्टि है, और आज और कल जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में ओलावृष्टि का पूर्वानुमान है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस मौसम में पहले हुई ओलावृष्टि से हुए नुकसान का संज्ञान लिया है और फसलों के नुकसान की व्यापक समीक्षा के निर्देश दिए हैं। आईएमडी किसानों से आग्रह कर रहा है कि वे पकी हुई फसलों की तुरंत कटाई करें, बागों में ओलावृष्टि से बचाव के जाल लगाएं और उपज को बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। 9 अप्रैल से मौसम में सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन 15 अप्रैल के बाद तापमान में तेजी से वृद्धि होगी। एक और बड़ी चिंता धीरे-धीरे बढ़ रही है। संयुक्त जलवायु मॉडलों के शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि जून से सितंबर 2026 तक अखिल भारतीय मानसून सामान्य से कम हो सकता है, जिसका संभावित संबंध सुपर अल नीनो के प्रभावों से है।

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Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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