नेपाल के प्रधानमंत्री की ओर से भारत-नेपाल सीमा को लेकर दिए गए बयान के बाद भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल के प्रधानमंत्री की टिप्पणियों और इस विषय पर नेपाली विदेश मंत्रालय के बयान का संज्ञान लिया है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। हालांकि कुछ हिस्सों में अब भी सीमांकन से जुड़े मुद्दे लंबित हैं। उन्होंने बताया कि गंडक नदी के बहाव में समय-समय पर हुए बदलाव के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थिति जटिल हुई है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सीमा के निर्धारित हिस्सों में सीमा पार कब्जे और नो मैन्स लैंड पर अतिक्रमण से जुड़े कुछ मामले भी सामने आए हैं, जिनका दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से मानचित्रण किया जा रहा है। भारत और नेपाल ने सीमा संबंधी सभी मुद्दों के समाधान के लिए द्विपक्षीय तंत्र स्थापित कर रखे हैं और इन्हीं माध्यमों से मामलों का समाधान किया जा रहा है।
भारत ने इस दौरान स्पष्ट किया कि भारत और नेपाल के बीच जो भी मुद्दे हैं, वे पूरी तरह द्विपक्षीय हैं और उनमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति करेंगी भारत का दौरा
वहीं विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ की भारत यात्रा की भी घोषणा की। जायसवाल ने बताया कि पहले उनका 1 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय बिग कैट्स अलायंस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने का कार्यक्रम था, जिसे स्थगित कर दिया गया है। अब वह 3 से 7 जून तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी।
इस दौरान उनके साथ वेनेजुएला के विदेश मंत्री,अर्थव्यवस्था एवं वित्त मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, संचार एवं सूचना मंत्री तथा परिवहन मंत्री समेत कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। यह डेल्सी रोड्रिगेज़ की छठी भारत यात्रा होगी। इससे पहले वह विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति के रूप में कई बार भारत आ चुकी हैं।
भारत यात्रा के दौरान रोड्रिगेज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। भारत को वेनेजुएला का एक महत्वपूर्ण ऊर्जा और निवेश साझेदार माना जाता है तथा भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने वहां के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश किया है।
इजरायल और लेबनान तनाव पर भारत रख रहा करीबी नजर
पश्चिम एशिया में इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, "हम लगातार यह कहते रहे हैं कि शांति और स्थिरता की बहाली का रास्ता संवाद और कूटनीति से होकर जाता है।" भारत ने एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
30 भारतीय ट्रक चालकों को निर्वासित किए जाने संबंधी रिपोर्टों पर विदेश मंत्रालय
अमेरिका से 30 भारतीय ट्रक चालकों को निर्वासित किए जाने संबंधी रिपोर्टों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत किसी भी रूप में अवैध प्रवासन का समर्थन नहीं करता। जायसवाल ने कहा, "जब भी अमेरिका की ओर से निर्वासन के मामले हमारे पास भेजे जाते हैं, हम संबंधित व्यक्तियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि करते हैं। राष्ट्रीयता सत्यापित होने के बाद उन्हें भारत भेजा जाता है और हम अपने नागरिकों को स्वीकार करते हैं।"
बांग्लादेश के साथ नदियों को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
वहीं, बांग्लादेश के साथ साझा नदियों से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच 54 नदियां साझा हैं और इनके प्रबंधन के लिए एक स्थापित द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है। जायसवाल ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त नदी आयोग (Joint Rivers Commission) कार्यरत है, जो साझा नदियों से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा और समाधान का मंच प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नदियों से जुड़े मामलों पर दोनों देशों के बीच संरचित द्विपक्षीय सहयोग के तहत आगे भी विचार-विमर्श जारी रहेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, साझा जल संसाधनों के प्रबंधन और उनसे जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए दोनों देशों के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था बनी हुई है।
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