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PM Research Chair Scheme 2026 क्या है? जानें कौन कब तक कर सकता है अप्‍लाई

शिक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर यानी PMRC योजना के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब आप 15 अगस्त 2026 तक अप्लाई कर सकते हैं। ये योजना खास तौर पर उन भारतीय मूल के लोगों के लिए है जो अभी विदेश में रिसर्च, पढ़ाई या इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं।

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PM Research Chair Scheme 2026

PM Research Chair Scheme 2026: शिक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर यानी PMRC योजना के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब आप 15 अगस्त 2026 तक अप्लाई कर सकते हैं। ये योजना खास तौर पर उन भारतीय मूल के लोगों के लिए है जो अभी विदेश में रिसर्च, पढ़ाई या इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। सरकार चाहती है कि वो लोग वापस आकर भारत के कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों में काम करें।

योजना क्या है, PM Research Chair Scheme 2026 Kya hai

PMRC का मकसद भारत में रिसर्च और नई खोज को तेज करना है। इसके लिए सरकार 13 बड़े क्षेत्रों में करीब 120 रिसर्च चेयर पर लोगों को चुनेगी। आवेदन चल रहे है, जानें कौन कर सकता है आवेदन

अगर आप विदेश की किसी यूनिवर्सिटी, लैब या कंपनी में साइंटिस्ट, रिसर्चर या टेक्नोलॉजिस्ट हैं और आपकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं, तो आप इसके लिए पात्र हैं।

कैसे होगा चयन

चयन 3 लेवल पर होगा:

  • यंग रिसर्च फेलो: पीएचडी के बाद 5 साल तक का अनुभव
  • सीनियर फेलो: पीएचडी के बाद 5 से 10 साल का अनुभव
  • रिसर्च चेयर: पीएचडी के बाद 10 साल या उससे ज्यादा अनुभव

चुने गए लोग अगले 5 साल तक भारत के बड़े सरकारी कॉलेजों और नेशनल रिसर्च लैब में काम करेंगे।

सैलरी और फंड कितना मिलेगा

सरकार सिर्फ नौकरी नहीं देगी, साथ में मोटी फेलोशिप और रिसर्च के लिए पैसा भी देगी। यंग रिसर्च फेलो को हर साल 15 से 20 लाख रुपये फेलोशिप मिलेगी। रिसर्च के लिए 1 से 1.5 करोड़ तक का ग्रांट अलग से।

इसके अलावा रहने, इलाज, शिफ्ट होने और संस्थान के खर्च के लिए भी पैसा मिलेगा।

सीनियर फेलो को हर साल 20 से 40 लाख रुपये फेलोशिप। रिसर्च ग्रांट 1.5 से 2.5 करोड़ रुपये तक। बाकी सुविधाएं भी इसमें जुड़ी हैं।

रिसर्च चेयर वालों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इन्‍हें हर साल 40 से 60 लाख रुपये की फेलोशिप मिलेगी। रिसर्च के लिए 3 से 5 करोड़ रुपये तक का ग्रांट होगा। साथ में आवास, मेडिकल, रिलोकेशन और संस्थान को भी अलग फंड मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य

विदेश में बैठे हमारे एक्सपर्ट्स के पास नई टेक्नोलॉजी और दुनिया भर का अनुभव है। अगर वो भारत आकर पढ़ाएं और रिसर्च करें तो हमारे कॉलेज और लैब भी वर्ल्ड क्लास बन सकते हैं। इसी सोच के साथ ये योजना लाई गई है।

जरूरी बात

अगर आप एलिजिबल हैं तो 15 अगस्त 2026 से पहले फॉर्म भर दें। पूरी डिटेल और लिंक शिक्षा मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। सीधे शब्दों में कहें तो ये उन लोगों के लिए सुनहरा मौका है जो देश के लिए कुछ करना चाहते हैं और साथ में अच्छी सैलरी और रिसर्च फंड भी चाहते हैं।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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