'ये कोई समझौता नहीं, अमेरिका की धांधली है, मोदी के दोस्त ने दिया झटका'...India-US डील पर भड़की कांग्रेस
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Feb 11, 2026, 11:00 AM IST
जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी व्यक्तिगत दोस्ती का सार्वजनिक प्रदर्शन वांछित परिणाम नहीं दे पाया है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी मोदी के साथ अपनी दोस्ती को खुलकर प्रदर्शित किया है, लेकिन ऐसा करते हुए उन्होंने भारत को बड़ा झटका दिया है। रमेश ने कहा, यह हमारी राजनीतिक कूटनीति और आर्थिक कूटनीति की घोर विफलता है।
जयराम रमेश का मोदी सरकार पर निशाना
Congress Dig At Modi Govt: कांग्रेस ने बुधवार को भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह समझौता "वाशिंगटन में प्रधानमंत्री के करीबी दोस्त" द्वारा की गई एक हड़बड़ी है और हमारी राजनीतिक चाटुकारिता के साथ-साथ आर्थिक कूटनीति की घोर विफलता को दर्शाता है। संचार प्रभारी कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके झूठ के दल चाहे जो भी सफाई दें, कड़वी सच्चाई यह है कि अमेरिका ने भारत से जितना दिया है, उससे कहीं अधिक हासिल किया है।
जयराम रमेश का पीएम मोदी पर निशाना
रमेश ने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि कई स्वतंत्र विश्लेषकों और टिप्पणीकारों - जो मोदी विरोधी नहीं रहे हैं, उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना करते हुए इसे आत्मसमर्पण, असंतुलित प्रतिबद्धताओं का समूह, एक तरह का सौदा और एक अपमानजनक आत्मसमर्पण बताया है। प्रधानमंत्री और उनके झूठ के समर्थकों की टोली चाहे जो भी बहाने बनाएं, कड़वी सच्चाई यह है कि अमेरिका ने भारत से जितना दिया है, उससे कहीं अधिक हासिल किया है। यह सब श्री मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप को लुभाने के आक्रामक प्रयासों के बावजूद हुआ है, जिसमें सितंबर 2019 में उनके लिए प्रचार करना भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी फरवरी 2025 में दोबारा निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप का स्वागत करने वाले पहले लोगों में शामिल थे।
कहा- अमेरिका ने दिया भारत को झटका
रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी व्यक्तिगत दोस्ती का सार्वजनिक प्रदर्शन वांछित परिणाम नहीं दे पाया है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी मोदी के साथ अपनी दोस्ती को खुलकर प्रदर्शित किया है, लेकिन ऐसा करते हुए उन्होंने भारत को बड़ा झटका दिया है। रमेश ने कहा, यह हमारी राजनीतिक कूटनीति और आर्थिक कूटनीति की घोर विफलता है। प्रचार तो जारी रहेगा ही। लेकिन तथ्य तो तथ्य हैं। यह व्यापार समझौता प्रधानमंत्री के वाशिंगटन स्थित करीबी दोस्त द्वारा किया गया एक तरह का धोखा है, जिसने लगभग सौ बार यह दावा किया है कि उसने 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया था।
जबरदस्ती किया गया समझौता बताया
कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता सोच-समझकर शुरू किया गया नहीं, बल्कि जबरदस्ती किया गया समझौता है और भारत को जितना मिला है उससे कहीं अधिक रियायतें देने के लिए मजबूर किया गया है। X पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री और उनके कई समर्थकों द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की पोल खोलने में ज्यादा समय नहीं लगा। उन्होंने कहा था कि स्पष्ट रूप से इस समझौते को लेकर अमेरिका की समझ मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से बहुत अलग है।
रमेश ने मंगलवार शाम को अपने पोस्ट में कहा था, यह सुनियोजित शुरुआत नहीं, बल्कि दबाव में की गई शुरुआत है। भारत को अपनी प्राप्त राशि से कहीं अधिक रियायतें देने के लिए मजबूर किया गया है। और अब अमेरिका को वस्त्र निर्यात में बांग्लादेश पर हमारी बहुचर्चित बढ़त, अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते के विवरण की घोषणा के साथ ही समाप्त हो गई है।
पिछले सप्ताह भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान में एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा की घोषणा की थी। इसके तहत, अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत के पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई। अमेरिका ने रूसी कच्चे तेल की खरीद पर पिछले साल अगस्त में भारत पर लगाए गए दंडात्मक 25 प्रतिशत शुल्क को पहले ही समाप्त कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कोई समझौता नहीं, बल्कि देश के आत्मसम्मान और हितों का आत्मसमर्पण है, और यह भारत और उसकी जनता के साथ विश्वासघात है।
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