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नितिन गडकरी को हुई थी प्रधानमंत्री पद की पेशकश, लेकिन...; केंद्रीय मंत्री ने बताया पूरा किस्सा

Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन एक व्यक्ति ने मुझसे कहा कि अगर आप प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, तो हम आपका समर्थन करेंगे। मैंने कहा कि आप मेरा समर्थन क्यों करें और मैं आपका समर्थन क्यों लूं।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

Photo : Times Now Digital

Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया है कि उन्हें प्रधनमंत्री पद की पेशकश हुई थी और उन्हें समर्थन देने की बात कही गई थी। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि प्रधानमंत्री बनना मेरे जीवन का लक्ष्य नहीं है। हालांकि, नितिन गडकरी ने यह नहीं बताया कि उन्हें यह पेशकश कब की गई थी। न ही उन्होंने यह बताया कि यह पेशकश उन्हें विपक्ष की तरफ से की गई थी या फिर उनकी खुद की पार्टी से ही।

नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा, मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन एक व्यक्ति ने मुझसे कहा कि अगर आप प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, तो हम आपका समर्थन करेंगे। मैंने कहा कि आप मेरा समर्थन क्यों करें और मैं आपका समर्थन क्यों लूं। प्रधानमंत्री बनना मेरे जीवन का लक्ष्य नहीं है। मैं अपने विश्वास और संगठन के प्रति वफादार हूं और मैं किसी भी पद के लिए समझौता नहीं करने जा रहा हूं, क्योंकि मेरा विश्वास मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि यह विश्वास ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

लोकसभा चुनाव के बाद सामने आया था नाम

बता दें, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए नितिन गडकरी का नाम भी उछला था। इससे पहले 2019 में भी गडकरी का नाम प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों के तौर पर सामने आया था। हालांकि, उन्होंने अटकलों को खारिज कर दिया था। उस समय गडकरी ने कहा था कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम हाथों में है और हम उनके पीछे खडे हैं। मैं उनके विजन को पूरा करने वाला एक कार्यकर्ता हूं। मैं पीएम बनने की दौड़ में नहीं हूं। बता दें, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद नितिन गडकरी मोदी कैबिनेट के उन कद्दावर नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें फिर से उनका विभाग वापस मिला है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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