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गडकरी ने किया भारत के दूसरे सबसे लंबे केबल-आधारित सिगंदूर पुल का उद्घाटन, शामिल नहीं हुए सीएम सिद्धारमैया

हाल में सिद्धारमैया ने गडकरी से 14 जुलाई को शिवमोगा के सागरा तालुका में पुल के उद्घाटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को यह कहकर स्थगित करने का अनुरोध किया था कि उन्हें पहले से सूचित नहीं किया गया था।

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सिगंदूर पुल का उद्घाटन (Ministry of Road Transport & Highways, Government of India)

Sigandur bridge in Karnataka- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कर्नाटक के शिवमोगा में देश के दूसरे सबसे लंबे केबल-आधारित सिगंदूर पुल का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तो शिरकत की, लेकिन राज्य मंत्रिमंडल का कोई भी सदस्य इसमें शामिल नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार जिले के सागरा तालुक में अंबरगोडलु-कलासवल्ली के बीच ‘शरावती बैकवाटर’ पर बने इस पुल का निर्माण 472 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।

नितिन गडकरी ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करती है और अब इस पुल से परिवहन सुगमता, क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस पुल के चालू हो जाने से जहां आम जनता को राहत मिलेगी, वहीं यह पुल पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक यात्राओं को भी नई दिशा देगा। यह केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि एकजुट भारत की दिशा में मजबूती से बढ़ता कदम है।

लोगों को होगा ये फायदा

इस पुल से सागरा से सिगंदूर के आसपास के गांवों की दूरी काफी कम होने की उम्मीद है, जो चौदेश्वरी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, वरिष्ठ भाजपा नेता बी. एस. येदियुरप्पा सहित अन्य लोग शामिल हुए। हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया या उनके किसी भी मंत्री ने इस कार्यक्रम में भाग नहीं लिया।

सिद्धारमैया ने की थी समारोह स्थगित करने की अपील

हाल में सिद्धारमैया ने गडकरी से 14 जुलाई को शिवमोगा के सागरा तालुका में पुल के उद्घाटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को यह कहकर स्थगित करने का अनुरोध किया था कि उन्हें पहले से सूचित नहीं किया गया था। विजयपुरा जिले के इंडी तालुका की अपनी निर्धारित यात्रा का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने गडकरी को लिखे एक पत्र में कहा था कि यह अधिक उपयुक्त होता अगर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) इस तरह के कार्यक्रम को निर्धारित करने से पहले राज्य सरकार के साथ परामर्श करता और उन्होंने उनसे इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि उसी दिन विजयपुरा जिले के इंडी तालुका में उनकी अध्यक्षता में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन कार्यक्रम पहले से ही निर्धारित है इसलिए एमओआरटीएच के लिए राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों को निर्धारित करने से पहले राज्य सरकार के साथ परामर्श करना अधिक उपयुक्त होता।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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