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निठारी हत्याकांड: मोनिंदर पंढेर जेल से रिहा, गाड़ी में बैठा और खामोशी से चला गया

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Oct 20, 2023, 02:52 PM IST

यह सनसनीखेज मामला उस समय प्रकाश में आया था जब 29 दिसंबर, 2006 को राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा के निठारी में पंढेर के मकान के पीछे ड्रेन में कुछ कंकाल पाए गए।

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मोनिंदर सिंह पंढेर

Photo : PTI

Nithari Murder Case: निठारी हत्याकांड के आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को आज जेल से रिहाई मिल गई। शुक्रवार को पंढेर को ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल से रिहा कर दिया गया। इस मामले में पंढेर को तीन दिन पहले हाई कोर्ट ने बरी किया था। जेल से रिहा होने के बाद 65 वर्षीय कारोबारी पंढेर एक गाड़ी में बैठा और बिना किसी से बात किए चला गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को 2006 के सनसनीखेज मामले में यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे अपराध साबित करने में विफल रहा और इससे जांच में गड़बड़ हुई।

कोली काटेगा आजीवन कारावास

इससे पहले, दिन में लुक्सर जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया था कि आज हमें अदालत से दूसरा आदेश मिला है। उचित औपचारिकताओं के बाद दोपहर तक उसे रिहा कर दिया जाएगा। मुख्य आरोपी कोली अभी भी गाजियाबाद के डासना जेल में बंद है। वह 14 वर्षीय लड़की की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काटेगा। पंढेर और कोली पर बलात्कार और हत्या के आरोप लगाए थे। नोएडा के निठारी में हुई हत्याओं में दोनों को मौत की सजा सुनाई गयी थी। यौन उत्पीड़न, क्रूर हत्या और संभावित नरभक्षण के संकेतों वाले निठारी हत्याकांड ने पूरे देश हैरान कर दिया था।

29 दिसंबर, 2006 का सनसनीखेज मामला

यह सनसनीखेज मामला उस समय प्रकाश में आया था जब 29 दिसंबर, 2006 को राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा के निठारी में पंढेर के मकान के पीछे ड्रेन में कुछ कंकाल पाए गए। कोली पंढेर का नौकर था। पंढेर के मकान के आसपास के क्षेत्र में ड्रेन में तलाशी के बाद और कंकाल पाए गए। इनमें से ज्यादातर कंकाल गरीब बच्चों और युवतियों के थे जो उस इलाके से लापता थे। 10 दिनों के भीतर सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और उसे खोज के दौरान और अस्थियां मिली थीं। (Bhasha Input)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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